जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने AI के नाम पर हो रही छंटनी को गलत बताया था। अब OpenAI CEO Sam Altman और Amazon के Jeff Bezos ने भी माना कि AI फिलहाल इंसानी नौकरियों को पूरी तरह replace नहीं कर रहा है।
Global: AI Layoffs को लेकर चल रही बहस के बीच Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu की पुरानी टिप्पणियां फिर चर्चा में हैं। वेम्बु ने पहले ही कहा था कि कंपनियां आर्थिक दबाव और लागत घटाने के लिए AI को बहाना बना रही हैं। अब Sam Altman और Jeff Bezos जैसे टेक लीडर्स ने भी माना है कि AI का असर शुरुआती दावों जितना बड़ा नहीं दिख रहा।
AI के नाम पर छंटनी को लेकर वेम्बु ने उठाए थे सवाल
पिछले कुछ महीनों में बड़ी टेक कंपनियों ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेशन पर भारी निवेश किया। इसके साथ ही कई कंपनियों ने कर्मचारियों को यह संकेत दिया कि AI की वजह से नौकरियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने इस नैरेटिव पर खुलकर सवाल उठाए थे।

वेम्बु का कहना था कि कंपनियां प्रोडक्टिविटी में सीमित सुधार को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही हैं और असली वजह आर्थिक दबाव है। उनके मुताबिक, कई जगहों पर AI का इस्तेमाल छंटनी को सही ठहराने के लिए किया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
डेवलपर प्रोडक्टिविटी और AI क्रेज पर भी की थी टिप्पणी
मई 2026 में वेम्बु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट शेयर किए थे। उन्होंने कहा था कि दुनिया भर में आर्थिक हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और अकेले AI इन समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता।
उन्होंने “डेवलपर प्रोडक्टिविटी पैराडॉक्स” का भी जिक्र किया था। वेम्बु के अनुसार, AI टूल्स डेवलपर्स की मदद जरूर कर रहे हैं, लेकिन इससे उतनी बड़ी उत्पादकता क्रांति नहीं आई है, जितने दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि कॉलेज छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स के बीच AI को लेकर चिंता बढ़ रही है।
अब Sam Altman और Bezos ने भी बदला रुख
अब OpenAI CEO Sam Altman ने भी माना है कि AI की वजह से बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने की उनकी शुरुआती आशंकाएं पूरी तरह सही साबित नहीं हुईं। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ChatGPT आने के बाद अब तक ज्यादा नौकरियां प्रभावित हो चुकी होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वहीं Jeff Bezos ने कहा कि AI इंसानों को पूरी तरह replace करने के बजाय कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने का काम करेगा। उनके मुताबिक, क्रिएटिविटी, निर्णय लेने और जटिल समस्याओं को हल करने जैसे क्षेत्रों में इंसानों की भूमिका आगे भी बनी रहेगी।
AI को लेकर बदलते इन बयानों ने टेक इंडस्ट्री में चल रही उस बहस को फिर तेज कर दिया है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या कंपनियां वास्तव में तकनीकी बदलाव के कारण छंटनी कर रही हैं या फिर आर्थिक दबाव को AI के जरिए पेश किया जा रहा है।










