वायु सेना दिवस पर रेजांगला युद्ध स्मारक में वीरों को नमन, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

गुरुग्राम के रेजांगला युद्ध स्मारक पर वायु सेना दिवस में पूर्व सैन्य अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर उनके बलिदान को याद किया।

गुरुग्राम के रेजांगला युद्ध स्मारक पर वायु सेना दिवस के अवसर पर देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व सैन्य अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने सैनिकों के साहस, बलिदान और राष्ट्र सेवा को याद करते हुए युवाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

गुरुग्राम: वायु सेना दिवस के अवसर पर गुरुग्राम के रेजांगला युद्ध स्मारक में भारतीय वायु सेना के शौर्य और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। गुरुवार सुबह आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैन्य अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया।

रेजांगला स्मारक पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि

समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल महावीर यादव ने कहा कि देश के बलिदानियों का सम्मान वास्तव में राष्ट्र के सम्मान के समान है। सैनिकों ने सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया और उनका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते। देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में सैनिकों की भूमिका को याद करते हुए उन्होंने युवाओं से राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने रेजांगला युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बच्चों ने भी अपनी रचनाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से देश के वीर सैनिकों को नमन किया।

रेजांगला की शौर्यगाथा आज भी प्रेरणा देती है

रेजांगला युद्ध स्मारक उन सैनिकों की वीरता और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया। समारोह में पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर डॉ. टीसी राव ने भारतीय वायु सेना की भूमिका और उसकी सामरिक क्षमता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने जब भी देश को आवश्यकता पड़ी, अपनी क्षमता, अनुशासन और साहस का परिचय दिया। वायु योद्धाओं की कार्रवाई और पराक्रम ने विभिन्न मौकों पर देश की रक्षा क्षमता को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सैन्य प्रशिक्षण के साथ जवानों का साहस भारतीय वायु सेना की प्रमुख ताकतों में शामिल है।

मेजर डॉ. टीसी राव के मुताबिक, रेजांगला जैसे स्मारक केवल अतीत की घटनाओं की याद नहीं दिलाते, बल्कि नई पीढ़ी को देश के लिए किए गए बलिदानों से परिचित कराने का भी काम करते हैं।

देशहित को सर्वोपरि रखने का संदेश

एडवोकेट शीशराम यादव ने कहा कि वीर सैनिकों की गाथाएं सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनमें राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश भी छिपा है। समाज को सैनिकों के त्याग से प्रेरणा लेकर देशहित को प्राथमिकता देने का संकल्प लेना चाहिए।

समारोह में पूर्व सैन्य अधिकारी एके दास, डॉ. राजेंद्र प्रसाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश पटेल, रश्मी, ज्योति शाह, जगमल सिंह, ईश्वर शर्मा, सतीश कुमार, नवीन सिंह, राजेश कुमार और जय प्रकाश समेत कई लोग मौजूद रहे।

सभी ने रेजांगला युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायु सेना के जवानों और देश के अन्य वीर सैनिकों के साहस एवं बलिदान को याद किया गया।

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