तेंदू पत्ता चुनने वाले अजय गुप्ता ने UPSC और IFS में हासिल की बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ के अजय गुप्ता ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद UPSC में 452वीं और IFoS में 91वीं रैंक हासिल कर सफलता की मिसाल पेश की।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निवासी अजय गुप्ता ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद UPSC में 452वीं और IFoS परीक्षा में 91वीं रैंक हासिल की है। जंगलों में तेंदू पत्ता चुनने से लेकर अफसर बनने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

छत्तीसगढ़: Ajay Gupta UPSC Success Story संघर्ष और मेहनत की ऐसी कहानी है, जिसने हजारों युवाओं को प्रेरित किया है। वनवासी परिवार से आने वाले अजय गुप्ता ने बचपन में जंगलों में तेंदू पत्ता और महुआ चुनकर परिवार की मदद की। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और अब UPSC तथा IFoS परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर अफसर बनने का सपना पूरा किया।

जंगलों से शुरू हुआ संघर्ष का सफर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबलपुरी में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन काफी कठिन परिस्थितियों में बीता। उनका परिवार वन उपज पर निर्भर था और घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। बचपन में अजय अपने माता-पिता के साथ जंगलों में तेंदू पत्ता और महुआ चुनने जाते थे।

कम संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। अजय का मानना था कि शिक्षा ही उनके जीवन को बदल सकती है और इसी सोच के साथ उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी।

पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन से मिली नई दिशा

अजय शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे। उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनकी मेहनत और अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्हें NIT रायपुर में एडमिशन मिला।

आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने स्कॉलरशिप की मदद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने बड़े सपने देखने शुरू किए और प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया।

UPSC और IFoS दोनों परीक्षाओं में मिली सफलता

29 वर्षीय अजय गुप्ता ने इस साल UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 452वीं रैंक हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) परीक्षा में देशभर में 91वीं रैंक प्राप्त कर दोहरी सफलता हासिल की।

अजय ने बताया कि NIT पहुंचने के बाद उन्हें समझ आया कि गांव से निकलकर भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। बस्तर क्षेत्र में ग्रामीण विकास से जुड़े कामों के दौरान उनका झुकाव फॉरेस्ट सर्विस की ओर बढ़ा और उन्होंने इसी क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला लिया।

मुख्यमंत्री ने भी सराहा अजय का संघर्ष

अजय की उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने भी उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता वनवासी परिवारों की मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल है।

उन्होंने कहा कि जो युवा कभी जंगलों में तेंदू पत्ता चुनता था, आज वही जंगलों और पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। अजय गुप्ता की कहानी आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

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