Ajit Pawar की मौत पर राजनीति से बचने की अपील, शिंदे ने दी चेतावनी

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे ने Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत पर राजनीति करने से बचने की अपील की। सभी से परिवार के साथ सहानुभूति जताने का आग्रह।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत पर राजनीति करने से बचने की अपील की। शिंदे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और सभी को पवार परिवार के साथ सहानुभूति दिखानी चाहिए।

Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल सहयोगी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार की मौत पर राजनीति करने वालों को चेतावनी दी। शिंदे ने कहा कि यह एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना है, जिसे किसी राजनीतिक उद्देश्य या अफवाह फैलाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि इस त्रासदी को अलग रंग देने से बचें और पवार परिवार के साथ सहानुभूति जताएं।

अजित पवार (66) की मौत उस समय हुई जब मुंबई से उड़ान भरने के बाद उनका विमान निर्धारित समय पर उतरने से कुछ मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पवार के अलावा चार अन्य लोगों की भी मौत हुई।

शिंदे ने जताया व्यक्तिगत दुख

ठाणे में पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना प्रमुख शिंदे ने कहा कि पवार का निधन उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी बड़ा आघात है। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो। यह घटना केवल पवार परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।"

शिंदे ने कहा कि यह समय पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ा होने का है। उन्होंने अजित पवार के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह साफगोई से बात करने वाले, निडर और प्रशासन पर अच्छी पकड़ रखने वाले नेता थे।

विमान दुर्घटना की जांच होगी

शिंदे ने स्पष्ट किया कि विमान दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जाएगी। इसमें एयरलाइन कंपनी, संबंधित एजेंसियों, तकनीकी विशेषज्ञों, कप्तान और अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा शामिल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस जांच के नाम पर राजनीति करना या साजिश के आरोप लगाना बिल्कुल उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के पीछे किसी तरह की साजिश नहीं है। शरद पवार, जो कि अजित पवार के चाचा और राकांपा (शप) के अध्यक्ष हैं, ने भी साफ कहा है कि यह कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है।

ममता बनर्जी का उच्चतम न्यायालय में जांच की मांग

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य सभी एजेंसियां पूरी तरह से मिलीभगत कर चुकी हैं और मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सच्चाई सामने नहीं आएगी।

ममता बनर्जी ने कहा, "हमें सिर्फ उच्चतम न्यायालय पर भरोसा है। बाकी सभी एजेंसियां पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी हैं।" उनका यह बयान राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया और महाराष्ट्र में इस संवेदनशील मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

राजनीति करने से बचने की अपील

शिंदे ने दोहराया कि किसी को भी इस संवेदनशील घटना को राजनीतिक एजेंडे या अफवाह फैलाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं है, बल्कि पूरे राज्य की है। हमें इस दुखद घटना को सम्मान के साथ देखना चाहिए।"

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और मीडिया से अपील की कि वे पवार की मौत को लेकर किसी तरह का गलत संदेश या साजिश की अफवाह न फैलाएं। शिंदे ने कहा कि समय की मांग है कि सभी नेता और नागरिक पवार परिवार के साथ सहानुभूति जताएं और इस दुख को साझा करें।

शिंदे का संदेश: संवेदनशीलता के साथ पेश आएं

शिंदे ने यह भी कहा कि अजित पवार एक निडर और ईमानदार नेता थे। उनके निधन से प्रशासनिक कार्यों और राजनीतिक जिम्मेदारियों में एक खालीपन पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि पवार के कार्य और उनके व्यक्तित्व को याद रखना चाहिए और राजनीति के माध्यम से इस त्रासदी को किसी भी रूप में भटकाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दुखद घटना पर राजनीति करने की प्रवृत्ति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी निष्कर्ष सामने आएंगे और तब ही किसी निष्पक्ष विश्लेषण या निर्णय की संभावना होगी।

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