महाराष्ट्र पुलिस ने राज्य के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फ्लैट घोटाले में कोकाटे और उनके भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
मुंबई: महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नासिक में 28 साल पुराने फ्लैट घोटाले से जुड़े मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया है, जिसके बाद गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है। इस घटना ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है और चर्चा यह है कि कोकाटे जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
माणिकराव कोकाटे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस ने माणिकराव कोकाटे की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नासिक के सेशन कोर्ट ने 28 साल पुराने इस घोटाले में कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे को दो साल कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार के करीबी सूत्रों का कहना है कि अगर कोकाटे को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती, तो उनका इस्तीफा लगभग तय है। इसके साथ ही यह भी चर्चा में है कि महायुति गठबंधन के दोनों सहयोगी कोकाटे के इस्तीफे के लिए दबाव डाल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस वारंट और मामले को लेकर नाराज हैं।
महायुति के दोनों सहयोगियों की ओर से इस्तीफे पर अड़े रहने की स्थिति ने राजनीतिक सस्पेंस और बढ़ा दिया है। यह सवाल भी उठता है कि कोकाटे के इस्तीफे के बाद कौन उनका स्थान लेगा और इस स्थिति का चुनावी राजनीति पर क्या असर होगा।

पूरा मामला क्या है?
यह मामला 1995 से 1997 के बीच का है। उस समय माणिकराव कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे ने सरकारी आवासीय योजनाओं के तहत फ्लैट प्राप्त किए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनकी आय कम है और उनके पास पहले से कोई घर नहीं है। इसी आधार पर उन्हें यह फ्लैट सरकार की योजना के तहत दिए गए थे।
हालांकि, बाद में अधिकारियों ने इस मामले में अनियमितताओं की शिकायत की। 1995 में दस्तावेजों में हेराफेरी और धोखाधड़ी का आरोप माणिकराव कोकाटे पर लगाया गया। इस मामले में पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोळे ने याचिका दायर की थी। यह अपराध नासिक सरकार वाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ और अब अदालत ने इसका फैसला सुनाया है।
इस घोटाले में कुल चार आरोपी थे, जिनमें माणिकराव कोकाटे, उनके भाई और दो अन्य लोग शामिल थे। अदालत ने बाकी दो आरोपियों को किसी भी तरह की सजा नहीं दी। केवल माणिकराव कोकाटे और उनके भाई को दो साल कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि कोकाटे का इस्तीफा महायुति और बीजेपी गठबंधन के समीकरण को प्रभावित कर सकता है।











