महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। NCP के अजित पवार और शरद पवार गुट के विलय के संकेत हैं। सूत्रों के मुताबिक डिप्टी सीएम को लेकर फैसला पवार परिवार करेगा।
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ती दिख रही है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़ी अंदरूनी हलचल ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार की जगह महाराष्ट्र का अगला डिप्टी चीफ मिनिस्टर कौन होगा, इसका फैसला अब सीधे पवार परिवार के स्तर पर होने जा रहा है। सबसे अहम बात यह मानी जा रही है कि इस पूरे फैसले की कमान शरद पवार के हाथ में होगी।
हालिया घटनाक्रम के बाद यह संकेत और मजबूत हो गए हैं कि NCP के अजित पवार गुट और शरद पवार गुट का विलय लगभग तय है। पवार परिवार के भीतर बढ़ती बातचीत और राजनीतिक गतिविधियों से यह साफ झलक रहा है कि पार्टी को एकजुट करने की दिशा में गंभीर प्रयास चल रहे हैं।
अंदरूनी सहमति की तैयारी
सूत्रों की मानें तो अजित पवार के राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर अब फैसला केवल पार्टी स्तर पर नहीं, बल्कि परिवार स्तर पर लिया जाएगा। पवार परिवार इस पूरे मुद्दे पर आपस में बैठकर अंतिम सहमति बनाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अगले एक या दो दिनों में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होगी और इसी दौरान NCP के मर्जर (merger) को लेकर भी औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
यह चर्चा इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि NCP लंबे समय से दो धड़ों में बंटी हुई है। एक ओर अजित पवार गुट है, जो महायुति सरकार का हिस्सा रहा है, और दूसरी ओर शरद पवार गुट है, जिसने अलग राजनीतिक राह चुनी थी। अब दोनों के फिर से एक होने की संभावनाएं महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा समीकरण बदल सकती हैं।
डिप्टी सीएम पद पर शरद पवार का निर्णायक रोल
सूत्रों का दावा है कि अजित पवार की जगह डिप्टी सीएम कौन होगा, यह फैसला शरद पवार खुद करेंगे। यह भी माना जा रहा है कि पवार परिवार जिस नाम पर सहमति बनाएगा, उसी नाम को आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी चल रही है कि नए डिप्टी सीएम के साथ-साथ सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा किस तरह किया जाएगा।

गौरतलब है कि महायुति सरकार में अजित पवार के पास डिप्टी चीफ मिनिस्टर के पद के अलावा फाइनेंस, एक्साइज और स्पोर्ट्स जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी थी। अब सवाल यह है कि अगर नेतृत्व में बदलाव होता है, तो इन विभागों का चार्ज किसे दिया जाएगा। इसे लेकर NCP के भीतर मंथन तेज हो गया है।
सुनेत्रा पवार को लेकर बढ़ता दबाव
इसी बीच NCP अजित गुट के भीतर से सुनेत्रा पवार को लेकर दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है। पार्टी के कई विधायक और नेता यह मांग कर रहे हैं कि सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंपी जाए। इस मांग को लेकर NCP नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रस्ताव देने की तैयारी भी कर ली है।
जानकारी के अनुसार, NCP के नेता दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री के वर्षा निवास पर एक साथ पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे। इस बैठक में पार्टी के भविष्य, नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में सुनेत्रा पवार के नाम पर भी खुलकर बात रखी जाएगी।
वर्षा निवास में अहम बैठक
इस पूरे घटनाक्रम में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, छगन भुजबल भी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वर्षा निवास पहुंचेंगे। इस दौरान NCP की अंदरूनी राजनीति, नेतृत्व परिवर्तन और सरकार में पार्टी की भूमिका पर चर्चा हो सकती है।
इसके साथ ही NCP नेताओं की ओर से एक और प्रस्ताव सामने आया है। पार्टी के भीतर यह सुझाव दिया गया है कि मौजूदा वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल को NCP का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए। इस प्रस्ताव को भी आगामी बैठकों में औपचारिक रूप से रखा जा सकता है।
पवार परिवार के फैसले पर टिकी महाराष्ट्र की नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम की चाबी पवार परिवार के हाथ में है। परिवार जिस नाम पर सहमति बनाएगा, वही आगे पार्टी और सरकार में निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसलिए अब महाराष्ट्र की राजनीति की नजरें पूरी तरह पवार परिवार के फैसले पर टिकी हुई हैं।
यह भी चर्चा है कि अगर दोनों गुटों का विलय होता है, तो NCP एक बार फिर राज्य की राजनीति में मजबूत स्थिति में आ सकती है। इससे न केवल पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि महायुति सरकार के भीतर भी संतुलन बदलेगा।









