ताजमहल में दक्षिण कोरिया की एक महिला पर्यटक को बंदर द्वारा काटे जाने की घटना के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्यटन व्यवस्था सुधारने की मांग की।
आगरा: ताजमहल में विदेशी महिला पर्यटक पर बंदर के हमले की घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पहले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उसके बाद राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की बात की जाए।
ताजमहल की घटना के बाद सरकार पर सपा प्रमुख का हमला
ताजमहल में दक्षिण कोरिया (रिपब्लिक ऑफ कोरिया) से आई महिला पर्यटक किम मेह को बंदर द्वारा काटे जाने की घटना अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार को पहले पर्यटकों को बंदरों के हमलों से सुरक्षित रखने की व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की बात करनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के साथ घायल विदेशी पर्यटक का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं पर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है, क्योंकि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विदेशी पर्यटक को बंदर ने काटा, इलाज में भी हुई देरी
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह ताजमहल घूमने आई रिपब्लिक ऑफ कोरिया की पर्यटक किम मेह पर एक बंदर ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। घटना के बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में भी देरी हुई। बताया गया कि करीब एक घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद उन्हें बैटरी कार के जरिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीव नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को लेकर बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर लगाए कई आरोप
अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट में राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन जैसे कई मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि प्रदेश की छवि पहले से कई कारणों से प्रभावित हो चुकी है और ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की प्रतिष्ठा को और नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन ऐसा क्षेत्र है, जो अभी भी बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि ताजमहल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और वन्यजीव नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल इस मामले में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। वहीं, राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह घटना पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर नई बहस का विषय बन गई है।











