अक्षय कुमार की को-स्टार नीतू चंद्रा की राजनीतिक टिप्पणियों पर चुनाव आयोग की कार्रवाई, SVEEP आइकॉन पद से हटाया

अक्षय कुमार की को-स्टार नीतू चंद्रा की राजनीतिक टिप्पणियों के बाद चुनाव आयोग ने कार्रवाई की और उन्हें SVEEP आइकॉन पद से हटा दिया। जानें पूरी खबर।

बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस नीतू चंद्रा को राज्य स्तरीय स्वीप आइकॉन और ब्रांड एंबेसडर के पद से हटा दिया गया है। नीतू चंद्रा, जिन्होंने अक्षय कुमार के साथ ‘गरम मसाला’ में काम किया था, मुश्किलों में तब घिर गईं जब चुनाव मतगणना के दिन उनका वीडियो सामने आया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद एक बड़ा फैसला चर्चा में है। बॉलीवुड एक्ट्रेस नीतू चंद्रा, जिन्हें चुनाव आयोग ने बिहार के लिए स्टेट लेवल SVEEP आइकॉन नियुक्त किया था, अब अपने पद से हटा दी गई हैं। वजह बनी उनकी हालिया टीवी डिबेट, जिसमें वह खुलकर राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करती दिखीं। चुनाव आयोग के मुताबिक, यह व्यवहार उनके कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के खिलाफ है।

नीतू चंद्रा, जो अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम के साथ फिल्म गरम मसाला में नजर आ चुकी हैं, चुनाव के अंतिम दिन हुए टीवी चैनलों के लाइव डिबेट में मोदी सरकार, नीतीश कुमार, डबल इंजन सरकार, और जंगलराज जैसे राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बात करती दिखाई दीं। जैसे ही यह फुटेज सामने आया, चुनाव आयोग ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें SVEEP ब्रांड एंबेसडर पद से मुक्त कर दिया।

SVEEP आइकॉन के रूप में नीतू चंद्रा का दायित्व क्या था?

चुनाव आयोग जनता में जागरूकता फैलाने और मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए फिल्मी हस्तियों सहित विभिन्न प्रसिद्ध व्यक्तियों को SVEEP (Systematic Voters' Education and Electoral Participation) कैंपेन के लिए नियुक्त करता है। इस भूमिका के तहत, आइकॉन को किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या टिप्पणी से दूर रहने की शर्त स्वीकार करनी होती है। उन्हें सिर्फ मतदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बढ़ावा देने से जुड़े संदेशों पर ही काम करना होता है।

लेकिन नीतू चंद्रा द्वारा एक न्यूज चैनल पर राजनीतिक बहस में हिस्सा लेना और विभिन्न पार्टियों पर टिप्पणी करना इस अंडरटेकिंग के सीधे उल्लंघन के तौर पर देखा गया। इसी कारण आयोग ने उनका पद तुरंत वापस ले लिया।

नीतू चंद्रा पर बनी विवादित स्थिति कैसे शुरू हुई?

मतगणना के दिन विभिन्न न्यूज़ चैनलों ने स्पेशल पैनल डिस्कशन आयोजित किए थे, जिनमें कई फिल्मी हस्तियों को भी बुलाया गया। इसी दौरान नीतू चंद्रा लाइव टीवी डिबेट में शामिल हुईं और बिहार की राजनीति, शासन व्यवस्था तथा अतीत के ‘जंगलराज’ पर विस्तार से चर्चा करने लगीं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने सवाल उठाया कि क्या SVEEP आइकॉन के तौर पर राजनीतिक बयान देना उचित है। मामला जब चुनाव आयोग तक पहुंचा, तो जांच के बाद यह तय हुआ कि उनका व्यवहार अवैधानिक प्रचार और तटस्थता के नियमों के खिलाफ है।

बिहार चुनाव के लिए नीतू के साथ प्रकाश झा, चंदन रॉय और क्रांति प्रकाश को भी SVEEP आइकॉन नियुक्त किया गया था। इन सभी को मतदाताओं को जागरूक करने और मतदान के महत्व को समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि विवाद सिर्फ नीतू चंद्रा के साथ जुड़ा, इसलिए कार्रवाई भी उन्हीं पर हुई।

कौन हैं नीतू चंद्रा?

नीतू चंद्रा बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री, मॉडल और फिल्ममेकर हैं। उन्होंने 2005 में फिल्म ‘गरम मसाला’ से अपना डेब्यू किया था और बाद में ‘ट्रैफिक सिग्नल’, ‘ओय लक्की लक्की ओय’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि उनका फिल्मी करियर लंबा नहीं चला, लेकिन वह थिएटर, प्रोडक्शन और रीजनल सिनेमा में सक्रिय रही हैं। नीतू दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं और मार्शल आर्ट्स में ब्लैक बेल्ट होने के लिए भी जानी जाती हैं।

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