अलीगढ़ में एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इलाज करने की बजाय अस्पताल कर्मी बिल और भुगतान को लेकर उलझे रहे, जिसकी वजह से मरीज की जान चली गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। मृतक के परिजन रोते-बिलखते नजर आए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्टाफ का ध्यान इलाज से ज्यादा बिल जमा कराने पर था।
अलीगढ़ पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर हालात को शांत कराया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच का भरोसा दिया है।
मृतक के परिवार का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो मरीज की जान बच सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन आरोपों की जांच की बात कह रहा है।
उत्तर प्रदेश में अस्पतालों में लापरवाही और इलाज को लेकर विवाद के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कई बार इलाज और बिलिंग को लेकर मरीजों के परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच विवाद हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर भारी रकम वसूले जाने और मरीजों को समय पर सुविधा न मिलने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
अलीगढ़ प्रशासन ने कहा है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मरीजों के इलाज में हर मिनट अहम होता है। ऐसे मामलों में अस्पतालों को संवेदनशीलता और त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं, जबकि मृतक के परिवार में गहरा शोक और नाराजगी बनी हुई है।