प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र लिखकर उनसे पांच संकल्प अपनाने की अपील की है। इसकी जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा करते हुए कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत प्रतीक है।
नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष संदेश जारी करते हुए उन्हें पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में अमरनाथ यात्रा को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने यात्रियों से सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा करने का आग्रह करते हुए स्वच्छता, स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपने संदेश की जानकारी साझा करते हुए कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक विरासत का एक शाश्वत अध्याय है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की कामना की।
अमरनाथ यात्रा को बताया सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और श्रद्धा का विषय है। हर वर्ष विभिन्न राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिन पर्वतीय मार्ग तय करते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को भी सशक्त बनाती है।
उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उदाहरण है, जिसमें देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भाग लेते हैं।
यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा बलों की सराहना
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और यात्रा के आयोजन में लगे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से यात्रा का सफल संचालन समर्पण और कुशल प्रबंधन के साथ किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय सुरक्षा बलों और सुरक्षाकर्मियों के योगदान की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद हजारों जवान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके प्रयासों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में यात्रा पूरी करने का अवसर मिलता है।
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श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने का आग्रह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की, जिन्हें उन्होंने यात्रा को अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और समाज के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में आवश्यक बताया।
- पहला संकल्प स्वच्छता से जुड़ा है। उन्होंने यात्रियों से पूरे यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण को प्रदूषित न करने का आग्रह किया।
- दूसरे संकल्प में उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों, यातायात नियमों और मौसम संबंधी सलाह का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों पर बारिश, ठंड और फिसलन जैसी परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
- तीसरे संकल्प के तहत प्रधानमंत्री ने 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को बढ़ावा देते हुए यात्रियों से आग्रह किया कि वे अपने यात्रा व्यय का एक हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की खरीद पर खर्च करें। उनका कहना था कि इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों, युवाओं और परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचेगा।
- चौथे संकल्प में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा उपहार देने और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील की। उनका मानना है कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा देगी।
- पांचवें संकल्प में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने दैनिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि अमरनाथ यात्रा सनातन परंपरा, सांस्कृतिक समरसता और सेवा भावना का भव्य उत्सव बनकर सफलतापूर्वक संपन्न होगी। उन्होंने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।








