जाम में फंसी एंबुलेंस, बुजुर्ग मरीज की मौत: 7 किमी पहुंचने में लगा एक घंटा, हैलट पुल पर 25 मिनट रुकी रही

भारी ट्रैफिक जाम में फंसी एंबुलेंस में बुजुर्ग मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि 7 किलोमीटर का रास्ता तय करने में एक घंटा लग गया।
जाम में फंसी एंबुलेंस, बुजुर्ग मरीज की मौत: 7 किमी पहुंचने में लगा एक घंटा, हैलट पुल पर 25 मिनट रुकी रही
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कानपूर-भारी ट्रैफिक जाम के कारण एक बुजुर्ग मरीज की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी और रास्ते में ही मरीज ने दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि सिर्फ 7 किलोमीटर की दूरी तय करने में एंबुलेंस को करीब एक घंटा लग गया। सबसे ज्यादा परेशानी हैलट पुल पर हुई, जहां वाहन लगभग 25 मिनट तक जाम में फंसा रहा।

परिजनों के मुताबिक, एंबुलेंस ड्राइवर लगातार रास्ता देने की अपील करता रहा, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाया। इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

कानपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। खासकर पीक आवर्स में प्रमुख पुलों और सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एंबुलेंस का सायरन लगातार बज रहा था, लेकिन सड़क पर वाहनों की लंबी कतार के कारण उसे निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था।

घटना के बाद परिजनों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय पर अस्पताल पहुंच जाते तो बुजुर्ग की जान बच सकती थी।

उत्तर प्रदेश में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित यातायात को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई शहरों में इमरजेंसी वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर की मांग भी होती रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह सड़क निर्माण और अतिक्रमण के कारण भी ट्रैफिक समस्या बढ़ रही है।

सोशल मीडिया पर घटना को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग की है।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और जाम की स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी सेवाओं के लिए तेज और बाधारहित यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। कुछ मिनटों की देरी भी मरीज की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

फिलहाल घटना के बाद शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर बहस तेज हो गई है।

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