अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तुर्की ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए प्रेरित करने की कोशिश शुरू की है। अमेरिका मिडिल ईस्ट में सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीतिक समाधान और सैन्य विकल्प दोनों पर विचार कर रहे हैं।
World News: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच हालात लगातार बदल रहे हैं। इस बीच तुर्की (Turkey) भी इस तनाव को कम करने की कोशिश में जुटा हुआ है। तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेज पर दोनों पक्षों को लाने की कोशिश कर रहा है।
तुर्की की यह पहल इस वजह से अहम मानी जा रही है कि इससे ईरान के खिलाफ अमेरिकी मिलिट्री (Military) कार्रवाई के खतरे को कम किया जा सके। फिलहाल, न अमेरिका और न ही ईरान ने यह पुष्टि की है कि वे किसी भी वार्ता में भाग लेने के लिए तैयार हैं।
तुर्की अधिकारियों की जानकारी
तुर्की के दो अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि तुर्की अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Whitcrof) और ईरानी नेताओं के बीच एक मीटिंग कराने की कोशिश कर रहा है। एक अधिकारी के अनुसार यह मीटिंग इस हफ्ते के अंत तक हो सकती है।
तुर्की की यह कोशिश दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अमेरिकी सैन्य तैनाती
वहीं, अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए मिडिल ईस्ट (Middle East) में USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) एयरक्राफ्ट कैरियर और कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Guided-Missile Destroyer) तैनात कर दिए हैं।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरानी सरकार के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेंगे या नहीं। ट्रंप ने कई बार ईरान पर बल प्रयोग की धमकी दी है, लेकिन अभी तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। अमेरिका लगातार ईरान पर डील करने का दबाव बना रहा है।
ट्रंप ने क्या कहा
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस (Oval Office) में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हमारी ईरान के साथ बातचीत चल रही है। हम देखेंगे कि यह सब कैसे होता है।"
जब उनसे पूछा गया कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई के लिए उनकी सीमा क्या है, तो उन्होंने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि एक डील पर बातचीत हो। अभी हम उनसे बात कर रहे हैं। अगर हम कुछ कर पाते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा, और अगर नहीं कर पाते, तो शायद बुरी चीजें होंगी।"
ट्रंप के इन बयान से यह साफ है कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन सैन्य विकल्प पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है।
ईरान पर हुए हमले
पिछले साल ईरान और अमेरिका के बीच कई बार बातचीत हुई थी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) और अमेरिकी विशेष दूत विटकॉफ रोम और ओमान में कई बार मिले, लेकिन किसी डील को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।
बीते साल 13 जून को इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिससे दोनों देशों के बीच 12 दिन का युद्ध शुरू हो गया। इस युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। युद्ध की वजह से बातचीत प्रभावी रूप से रुकी हुई थी।
ईरान में हिंसा का आंकड़ा
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान में सरकारी कार्रवाई और प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 6,848 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 49,930 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ईरान सरकार ने 21 जनवरी तक मरने वालों की संख्या 3,117 बताई थी। इसमें 2,427 लोग नागरिक और सुरक्षा बल थे, जबकि बाकी को आतंकवादी करार दिया गया। यह आंकड़े दोनों देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच बढ़ते तनाव को दिखाते हैं।









