बाबा रामदेव ने सर्दियों में शरीर को नेचुरली गर्म रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के 10 आयुर्वेदिक नुस्खे बताए हैं। हल्दी, अदरक, केसर, देसी घी और सुपाच्य फूड्स के साथ योग और प्राणायाम अपनाकर ठंड और जुकाम से बचा जा सकता है। ये तरीके सरल, प्राकृतिक और रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से लागू हैं।
Winter Health Tips by Baba Ramdev: सर्दियों में शरीर को नेचुरली गर्म रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए पतंजलि फाउंडर बाबा रामदेव ने 10 कारगर घरेलू उपाय साझा किए हैं। भारत में घर-घर में अपनाए जा सकने वाले इन नुस्खों में हल्दी और अदरक का पानी, देसी घी, काली मिर्च, बादाम और केसर शामिल हैं। साथ ही योग, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम जैसी गतिविधियों को रोजाना करने से शरीर अंदर से गर्म और सक्रिय रहता है। इन उपायों से ठंड, जुकाम और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव होता है।
हल्दी, अदरक और देसी घी से तुरंत गर्माहट
सर्दियों में ठंड का सामना करने के लिए बाबा रामदेव हल्दी और अदरक को सबसे प्रभावशाली उपाय बताते हैं। सुबह उठते ही गुनगुना पानी में हल्दी और अदरक मिलाकर पीने से शरीर में तुरंत गर्मी आती है। यह उपाय न सिर्फ शरीर को गर्म रखता है बल्कि सर्दी-जुकाम और कफ से भी बचाव करता है।
इसके अलावा, रामदेव सुबह-सुबह देसी घी का सेवन करने की सलाह देते हैं। यह इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है और ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से ताकतवर बनाए रखता है। हल्दी वाला दूध और शहद मिलाकर पीना भी शरीर को गर्म रखने का प्राकृतिक तरीका है।

आयुर्वेदिक मसाले और सुपाच्य फूड्स
बाबा रामदेव का कहना है कि काली मिर्च, बादाम और केसर जैसे प्राकृतिक पदार्थ सर्दियों में शरीर को नेचुरली गर्म रखने में मदद करते हैं। रोजाना पांच बादाम और पांच काली मिर्च चबाकर खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और जुकाम-खांसी का खतरा कम होता है।
साथ ही, केसर की पंखुड़ियों का सेवन शरीर को तुरंत गर्म करता है और यह सर्दी के प्रभाव को कम करने में मददगार है। मिश्री, गुड़ और गोंद के लड्डू जैसी चीजें भी ऊर्जा और आंतरिक गर्मी बनाए रखने में कारगर मानी जाती हैं।
योग और प्राणायाम से बढ़ाएं अंदर की गर्मी
शारीरिक गर्मी और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बाबा रामदेव नियमित योग और प्राणायाम की सलाह देते हैं। पावर योगा, सूर्य नमस्कार, दंड-बैठक जैसे व्यायाम शरीर को सक्रिय और अंदर से गर्म बनाए रखते हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाति और अनुलोम-विलोम करना भी श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखता है और सर्दियों में जुकाम-जुकाम से बचाता है। इसके अलावा, गहरी सांस लेना शरीर में ऑक्सीजन प्रवाह बढ़ाता है, जिससे प्राकृतिक गर्मी पैदा होती है।













