अमेरिका का बड़ा एक्शन, दक्षिण पश्चिम एशिया में फिर गूंजे बम, अलकायदा का सीनियर लीडर ढेर

अमेरिका का बड़ा एक्शन, दक्षिण पश्चिम एशिया में फिर गूंजे बम, अलकायदा का सीनियर लीडर ढेर

अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सीरिया में हवाई हमला कर अलकायदा से जुड़े सीनियर आतंकी को मार गिराया। CENTCOM ने इसे अमेरिकी सैनिकों की मौत का जवाब बताया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

Airstrike: अमेरिका ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दक्षिण पश्चिम एशिया के एक मुस्लिम देश पर बड़ा हवाई हमला किया है। यह हमला शनिवार देर रात किया गया, जिसमें अलकायदा से जुड़े एक सीनियर लीडर को मार गिराया गया। इस एयरस्ट्राइक का आदेश सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था। हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कई देशों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है।

अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह टारगेटेड थी और इसका मकसद अमेरिका पर हुए हमलों का जवाब देना और आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना था।

किस देश पर हुआ अमेरिकी हवाई हमला

अमेरिका ने यह घातक एयरस्ट्राइक मुस्लिम देश सीरिया में की है। यह हमला उत्तर पश्चिमी सीरिया में किया गया, जहां लंबे समय से आतंकी संगठनों की गतिविधियां सक्रिय रही हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, इस ऑपरेशन में अलकायदा से जुड़े सीनियर आतंकवादी नेता बिलाल हसन अल जासिम की मौत हो गई है।

अमेरिका का कहना है कि यह आतंकी लीडर कई बड़े हमलों की साजिश रच चुका था और सीधे तौर पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने में शामिल था।

अलकायदा से जुड़े सीनियर लीडर की मौत

यूएस सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि बिलाल हसन अल जासिम एक अनुभवी आतंकवादी ऑपरेटिव था। वह न केवल हमलों की योजना बनाता था, बल्कि उन्हें अंजाम देने में भी अहम भूमिका निभाता था।

CENTCOM के मुताबिक, यह वही आतंकी था जिसका सीधा संबंध पिछले महीने हुए आईएस हमले से था। उस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया की मौत हो गई थी।

किन अमेरिकी नागरिकों की मौत का बदला लिया गया

13 दिसंबर को हुए हमले में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। इस हमले में सार्जेंट एडगर ब्रायन टॉरेस टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड और अमेरिकी नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर साकात की जान चली गई थी।

अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से इस हमले के जिम्मेदार आतंकियों की तलाश में था। अब बिलाल हसन अल जासिम की मौत को उसी कार्रवाई का हिस्सा बताया जा रहा है।

CENTCOM का सख्त संदेश

CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस ऑपरेशन के बाद बेहद सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों पर हमला करने वालों के लिए दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं है।

उनके शब्दों में, जो लोग अमेरिकी नागरिकों या हमारे योद्धाओं पर हमला करते हैं, साजिश रचते हैं या आतंक को बढ़ावा देते हैं, उन्हें ढूंढ निकाला जाएगा। अमेरिका उन्हें छोड़ेगा नहीं।

ट्रंप के आदेश पर चला बड़ा सैन्य अभियान

यह एयरस्ट्राइक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर की गई। ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, यह हमला एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद सीरिया और आसपास के इलाकों में आईएस और अलकायदा जैसे संगठनों को दोबारा मजबूत होने से रोकना है।

क्या है हॉकआई स्ट्राइक ऑपरेशन

CENTCOM ने इस पूरे अभियान को हॉकआई स्ट्राइक नाम दिया है। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने मिलकर आतंकियों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है।

इस अभियान में अमेरिका के साथ जॉर्डन और सीरिया की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सहयोग किया। CENTCOM के अनुसार, अब तक 100 से ज्यादा इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों, हथियार डिपो और ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।

सीरिया में क्यों सक्रिय है अमेरिकी सेना

सीरिया में अमेरिकी सेना लंबे समय से मौजूद है। अमेरिका का दावा है कि उसकी सेना वहां स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर आईएस के खिलाफ लड़ रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भी कहा था कि सीरिया में आतंकवादी गुट दोबारा संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में अमेरिका को वहां अपनी मौजूदगी बनाए रखना जरूरी है।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, बशर असद के सत्ता से हटने के एक साल बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। यही वजह है कि आतंकवादी संगठन मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

सीरियाई नेतृत्व की प्रतिक्रिया

इस हमले के बाद सीरिया की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरआ इस घटना से बेहद नाराज और व्यथित हैं।

हालांकि, आधिकारिक तौर पर सीरिया की सरकार ने अब तक इस हमले पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। क्षेत्रीय जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हमले के असर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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