Anthropic CEO Dario Amodei ने AI के खतरों को माना, बोले- इंसानों के अस्तित्व पर वास्तविक जोखिम

Anthropic CEO Dario Amodei ने AI के गंभीर खतरों पर चिंता जताई। उन्होंने माना कि इंडस्ट्री ने जोखिमों को कम करके बताया, लेकिन विनाश निश्चित नहीं है।

Anthropic CEO Dario Amodei ने CBS और CNN इंटरव्यू में AI के संभावित खतरों पर चिंता जताई। उन्होंने माना कि AI इंडस्ट्री ने लंबे समय तक जोखिमों को कम करके पेश किया, हालांकि विनाशकारी परिणाम तय नहीं हैं।

Tech: Anthropic CEO Dario Amodei ने एडवांस्ड AI को लेकर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके कुछ वास्तविक और बड़े खतरे हो सकते हैं। CBS इंटरव्यू में उन्होंने माना कि AI कंपनियों ने वर्षों तक इन जोखिमों को लेकर लोगों को पूरी तस्वीर नहीं बताई। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इंसानों के विनाश का नतीजा निश्चित नहीं माना जा सकता।

AI के खतरों पर Anthropic CEO की चेतावनी

Anthropic CEO Dario Amodei ने एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े संभावित खतरों पर चिंता जताई है। CBS को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि AI के विकास के साथ कुछ ऐसे जोखिम सामने आ सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल है। उनके मुताबिक, सबसे गंभीर संभावनाओं में इंसानी सभ्यता के अस्तित्व पर खतरा भी शामिल है।

AI कंपनियों पर जोखिमों को कम बताने का आरोप

अमोदेई ने माना कि AI इंडस्ट्री ने लंबे समय तक इस तकनीक के संभावित खतरों को लेकर लोगों के सामने पूरी सच्चाई नहीं रखी। उन्होंने कहा कि अब यह मानना जरूरी है कि AI से वास्तविक नुकसान की आशंका मौजूद है और इसके प्रभाव को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उनके मुताबिक, AI के विकास की मौजूदा रफ्तार खुद में चिंता का कारण है। हालांकि, उन्होंने इसे तत्काल घबराहट की वजह बताने के बजाय एक warning sign के तौर पर देखने की बात कही।

Anthropic के पूर्व रिसर्चर ने जताई गंभीर आशंका

अमोदेई की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब Anthropic के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने X पर AI कंपनियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। कॉक्सन का कहना है कि Anthropic और OpenAI जैसी कंपनियां AI विकास की तेज रफ्तार के बीच इंसानी जीवन को जोखिम में डाल रही हैं।

कॉक्सन ने यह भी दावा किया कि AI विकसित करने वाले कुछ लोग मानते हैं कि दशक खत्म होने से पहले यह तकनीक इंसानों के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है। अमोदेई ने जवाब में स्वीकार किया कि AI की प्रगति जिस गति से हुई है, उसके वास्तविक प्रभाव का उन्होंने पहले पूरी तरह अनुमान नहीं लगाया था।

विनाश की संभावना पर अमोदेई की अलग राय

CNN को दिए एक अलग इंटरव्यू में अमोदेई ने कॉक्सन की चिंताओं से पूरी तरह असहमति नहीं जताई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI के कारण इंसानी सभ्यता का विनाश होना कोई निश्चित परिणाम नहीं है।

AI से मानव अस्तित्व को संभावित खतरे की आशंका पहले भी कई विशेषज्ञ और टेक इंडस्ट्री से जुड़े लोग व्यक्त कर चुके हैं। इसी संदर्भ में OpenAI के सेफ्टी रिसर्चर मार्कस विलियम्स ने हाल ही में दावा किया था कि अगले तीन वर्षों में AI के कारण इंसानों के खत्म होने की 70 प्रतिशत संभावना हो सकती है।

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