Asian Games 2026: अमन सहरावत ने वर्ल्ड चैंपियन को हराकर जीता गोल्ड, फाइनल में पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी

Asian Games 2026 में अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में उत्तर कोरिया के वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग-सोंग

अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने फ्रीस्टाइल रेसलिंग की 57 किग्रा स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

Aman Sehrawat Gold: भारत के स्टार पहलवान अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का गोल्ड मेडल जीत लिया है। शनिवार को खेले गए फाइनल में अमन ने उत्तर कोरिया के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें अमन ने दबाव के बीच शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ अमन ने हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते ब्रॉन्ज मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया। 2023 में अमन 57 किग्रा वर्ग में तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि अब उन्होंने एशिया के सबसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।

फाइनल में पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी

हान चोंग सोंग के खिलाफ मुकाबले में अमन सहरावत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। हालांकि मुकाबले के अंतिम चरण में उत्तर कोरियाई पहलवान ने वापसी करते हुए स्कोर अपने पक्ष में कर लिया था। एक समय अमन 6-7 से पीछे चल रहे थे। इसके बाद भारतीय पहलवान ने मुकाबले के आखिरी क्षणों में अपना पूरा अनुभव और आक्रामक तकनीक दिखाई। उन्होंने लगातार अंक हासिल किए और स्कोर 11-7 तक पहुंचा दिया। इस शानदार वापसी के साथ अमन ने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया।

फाइनल से पहले भी अमन का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। सेमीफाइनल में उन्होंने ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्युब्स्की को 14-8 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।

एशियन गेम्स में पहली बार गोल्ड

अमन सहरावत के लिए यह एशियन गेम्स में दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने हांगझोउ में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने उसी 57 किग्रा वर्ग में सीधे गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। अमन की जीत भारतीय कुश्ती के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे पहले भारत के सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड जीता था। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कुश्ती टीम ने महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

पेरिस ओलंपिक में भी जीता था ब्रॉन्ज

अमन सहरावत पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उस उपलब्धि के साथ वह भारत के सबसे कम उम्र में व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में शामिल हुए। ओलंपिक के बाद भी अमन ने अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की। 2026 में उन्होंने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में भी 57 किग्रा वर्ग का गोल्ड जीता था।

कठिन परिस्थितियों से निकली सफलता

अमन सहरावत की कहानी सिर्फ मैट पर मिली जीत तक सीमित नहीं है। उन्होंने बेहद कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद कुश्ती उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेते हुए उन्होंने अपनी तकनीक और आक्रामक शैली को मजबूत किया। युवा स्तर पर भी अमन ने बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। 

वह अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने थे। इसके बाद सीनियर स्तर पर उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में भी खिताब जीता और धीरे-धीरे भारतीय कुश्ती के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

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