हांगझोउ एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट अन्नू रानी जापान एशियन गेम्स के भारतीय दल में जगह नहीं बना सकीं। जैवलिन थ्रो में उनका 57.50 मीटर का प्रयास निर्धारित क्वालिफिकेशन मार्क से 12 सेंटीमीटर कम रहा, जबकि अविनाश साबले ने वापसी पर क्वालिफाई किया।
Asian Games: हांगझोउ एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट अन्नू रानी जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के भारतीय एथलेटिक्स स्क्वॉड में जगह बनाने से चूक गई हैं। महिलाओं की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में अन्नू रानी निर्धारित क्वालिफिकेशन मार्क हासिल नहीं कर सकीं। इसके चलते एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के तय मानदंडों के अनुसार उनका भारतीय दल में चयन नहीं हो सका। गुरुवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज में अन्नू रानी ने 57.50 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। एशियन गेम्स के लिए महिलाओं की जैवलिन थ्रो का क्वालिफिकेशन मार्क 57.62 मीटर निर्धारित किया गया था। इस तरह अन्नू रानी जरूरी मानक से केवल 12 सेंटीमीटर पीछे रह गईं।
अन्नू रानी का प्रदर्शन क्वालिफिकेशन मार्क के बेहद करीब रहा, लेकिन AFI ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एशियन गेम्स के लिए निर्धारित मार्क हासिल करना अनिवार्य होगा। इसलिए मामूली अंतर से चूकने के बावजूद वह भारतीय एशियन गेम्स स्क्वॉड में जगह नहीं बना सकीं।
AFI ने पहले ही साफ कर दिया था चयन का नियम
एशियन गेम्स के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन को लेकर AFI का रुख प्रतियोगिता से पहले ही स्पष्ट था। फेडरेशन ने खिलाड़ियों को बताया था कि एशियन गेम्स में चयन के लिए संबंधित स्पर्धा का क्वालिफिकेशन मार्क हासिल करना जरूरी है। AFI प्लानिंग कमेटी के चेयरमैन ललित भनोत ने भी इस नीति को दोहराते हुए कहा कि जो खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मार्क हासिल नहीं करेगा, उसे एशियन गेम्स के लिए नहीं भेजा जाएगा।
भनोत ने कहा कि AFI का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। यदि अन्नू रानी क्वालिफाई नहीं कर पाई हैं, तो वह एशियन गेम्स के लिए नहीं जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन खिलाड़ियों ने निर्धारित मार्क हासिल नहीं किया है, वे भारतीय दल का हिस्सा नहीं होंगे। इस फैसले के साथ AFI ने एशियन गेम्स 2026 के लिए अपने चयन मानदंड को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता की गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
चोट के बाद अविनाश साबले की शानदार वापसी
इसी प्रतियोगिता में भारतीय एथलेटिक्स के लिए राहत की खबर अविनाश साबले के प्रदर्शन के रूप में सामने आई। 31 वर्षीय साबले ने चोट के कारण लगभग 14 महीने तक प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से दूर रहने के बाद 3,000 मीटर स्टीपलचेज में वापसी की और शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता।

अविनाश साबले ने रेस 8:32.39 सेकेंड में पूरी की। उनका यह प्रदर्शन एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 8:36.57 सेकेंड के क्वालिफिकेशन मार्क से बेहतर रहा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने न केवल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए जरूरी क्वालिफिकेशन मार्क भी हासिल कर लिया।
चोट से लंबे समय तक बाहर रहने के बाद साबले की यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें भारतीय एथलेटिक्स में 3,000 मीटर स्टीपलचेज के प्रमुख खिलाड़ियों में माना जाता है। 14 महीने के ब्रेक के बाद प्रतिस्पर्धी रेस में उतरते हुए उन्होंने सीधे क्वालिफिकेशन मार्क पार किया।
8:32.39 सेकेंड का समय रहा निर्णायक
साबले का 8:32.39 सेकेंड का प्रदर्शन निर्धारित 8:36.57 सेकेंड के मानक से 4.18 सेकेंड बेहतर रहा। इस तरह उन्होंने AFI की चयन नीति के अनुरूप एशियन गेम्स के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने के साथ जगह भी पक्की कर ली।
इसके विपरीत अन्नू रानी ने 57.50 मीटर का थ्रो किया, जबकि उन्हें कम से कम 57.62 मीटर का थ्रो करना था। दोनों प्रदर्शनों के बीच का अंतर छोटा रहा, लेकिन AFI के निर्धारित मानकों के तहत यह अंतर चयन के लिहाज से निर्णायक साबित हुआ।
अन्नू रानी हांगझोउ एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं। ऐसे में उनका 2026 एशियन गेम्स भारतीय स्क्वॉड से बाहर होना भारतीय एथलेटिक्स के लिहाज से एक अहम घटनाक्रम है।
जापान में 19 सितंबर से शुरू होंगे एशियन गेम्स
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होगा। यह एशियन गेम्स का 20वां संस्करण है। महाद्वीप के 45 देशों के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में हिस्सा लेंगे। भारत भी इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में कई प्रमुख खेलों में चुनौती पेश करेगा। भारतीय दल की विभिन्न स्पर्धाओं में एथलेटिक्स के अलावा शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, तीरंदाजी, कबड्डी और क्रिकेट शामिल हैं।
एथलेटिक्स में खिलाड़ियों के चयन के लिए क्वालिफिकेशन मार्क को अनिवार्य किए जाने से प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी। अन्नू रानी के लिए 57.50 मीटर का प्रयास क्वालिफिकेशन मार्क से सिर्फ 12 सेंटीमीटर कम रहा, लेकिन यह अंतर उन्हें टीम में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था।
वहीं, अविनाश साबले ने चोट से लौटने के बाद 8:32.39 सेकेंड का समय निकालकर अपनी वापसी को यादगार बनाया। उनका प्रदर्शन न केवल गोल्ड मेडल जीतने के लिए पर्याप्त रहा, बल्कि 8:36.57 सेकेंड के एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क को भी पार कर गया।
इस तरह एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय एथलेटिक्स में दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। एक ओर हांगझोउ की गोल्ड मेडलिस्ट अन्नू रानी बेहद मामूली अंतर से क्वालिफिकेशन मार्क से चूक गईं, वहीं लंबे चोटिल ब्रेक के बाद लौटे अविनाश साबले ने अपने प्रदर्शन से एशियन गेम्स का टिकट हासिल कर लिया।











