एलेना रायबाकिना ने US ओपन क्वार्टर फाइनल में झेंग किनवेन को 3-6, 6-1, 6-4 से हराकर पहली बार WTA विश्व नंबर-1 रैंकिंग पक्की की। उन्होंने आर्यना सबालेंका के 99 हफ्तों के लगातार शीर्ष स्थान का सिलसिला समाप्त किया।
US OPEN 2026: एलेना रायबाकिना ने US ओपन के क्वार्टर फाइनल में झेंग किनवेन को हराकर महिला टेनिस की दुनिया में नया इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ रायबाकिना WTA रैंकिंग में पहली बार विश्व नंबर-1 बनेंगी। वह पुरुष या महिला वर्ग में कजाकिस्तान की पहली खिलाड़ी हैं, जो सिंगल्स रैंकिंग में शीर्ष स्थान तक पहुंची हैं। रायबाकिना ने झेंग के खिलाफ मुकाबले में पहला सेट 3-6 से गंवाया, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों सेट 6-1, 6-4 से जीत लिए। निर्णायक सेट में उन्होंने एक महत्वपूर्ण ब्रेक प्वाइंट भी बचाया और मैच अपने नाम किया।
99 हफ्तों बाद बदलेगा WTA का नंबर-1 स्थान
रायबाकिना के नंबर-1 बनने के साथ आर्यना सबालेंका का लगातार 99 हफ्तों से चला आ रहा शीर्ष स्थान पर कब्जा समाप्त हो जाएगा। सबालेंका का यह सिलसिला 21 अक्टूबर 2024 से जारी था और WTA इतिहास में लगातार सबसे लंबे नंबर-1 कार्यकालों में छठे स्थान पर है।
US ओपन से पहले रायबाकिना उन तीन खिलाड़ियों में शामिल थीं, जो सबालेंका से नंबर-1 रैंकिंग छीन सकती थीं। उनके अलावा अमेरिका की जेसिका पेगुला और कोको गॉफ भी इस दौड़ में थीं।
हालांकि, पेगुला और गॉफ को शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए US ओपन का खिताब जीतना जरूरी था। साथ ही उन्हें उम्मीद करनी थी कि रायबाकिना सेमीफाइनल से पहले टूर्नामेंट से बाहर हो जाएं। रायबाकिना ने झेंग को हराकर इन समीकरणों को समाप्त कर दिया।
रायबाकिना के लिए रैंकिंग से ज्यादा अहम खिताब
दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने की उपलब्धि हासिल करने के बावजूद रायबाकिना ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य लक्ष्य रैंकिंग नहीं बल्कि टूर्नामेंट जीतना है।
27 वर्षीय रायबाकिना ने कहा कि नंबर-1 रैंकिंग फिलहाल उनके लिए सिर्फ एक संख्या है। उनका लक्ष्य उन टूर्नामेंटों को जीतना है, जिनमें वह हिस्सा लेती हैं। उन्होंने यह भी माना कि यह शानदार उपलब्धि है, लेकिन टेनिस में रैंकिंग बहुत तेजी से बदल सकती है।
इस बयान से यह साफ है कि रायबाकिना US ओपन में अपनी नजरें खिताब पर बनाए हुए हैं। नंबर-1 बनने की उपलब्धि उनके अभियान की एक बड़ी सफलता है, लेकिन वह इसे अंतिम लक्ष्य नहीं मान रही हैं।
सबालेंका से फिर हो सकता है फाइनल मुकाबला
US ओपन में रायबाकिना और सबालेंका के बीच एक बार फिर फाइनल मुकाबला देखने को मिल सकता है। दोनों इस साल के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी आमने-सामने आई थीं, जहां रायबाकिना ने तीन सेट के मुकाबले में जीत दर्ज की थी।
अब US ओपन में रायबाकिना के सामने सेमीफाइनल की चुनौती है। वह गुरुवार को कोको गॉफ के खिलाफ मुकाबला खेलेंगी। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में सबालेंका का सामना जेसिका पेगुला से होगा।
इस तरह टूर्नामेंट के अंतिम चार में दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
2025 के अंत से शुरू हुई नंबर-1 की दौड़
रायबाकिना की नंबर-1 रैंकिंग की ओर बढ़त 2025 के अंत में तेज हुई थी। पिछले साल अक्टूबर में Wuhan Open के क्वार्टर फाइनल में उन्हें सबालेंका के खिलाफ हार मिली थी। इसके एक सप्ताह बाद रायबाकिना ने Ningbo Open का खिताब जीता।
इसके बाद उन्होंने सीजन के अंत में होने वाले WTA Finals में सबालेंका को हराकर अपना बदला पूरा किया और खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने दोनों खिलाड़ियों के बीच शीर्ष रैंकिंग की प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया।
ऑस्ट्रेलियन ओपन में सबालेंका को हराया
रायबाकिना ने 2026 की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में सबालेंका को तीन कड़े सेटों में हराकर अपना दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।
यह उनकी पहली Wimbledon जीत के लगभग चार साल बाद आया दूसरा बड़ा खिताब था। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबलों में कभी सबालेंका तो कभी रायबाकिना का दबदबा देखने को मिला।
सबालेंका ने Indian Wells के फाइनल और Miami Open के सेमीफाइनल में रायबाकिना को हराया। इसके जवाब में रायबाकिना ने Stuttgart में क्ले कोर्ट पर खिताब जीता, जबकि इस दौरान सबालेंका की फॉर्म में उतार-चढ़ाव रहा।
चोट ने भी राह में डाली बाधा
French Open और Wimbledon में शुरुआती दौर से बाहर होने के बाद रायबाकिना ने Toronto में शानदार वापसी की और फाइनल तक पहुंचीं। हालांकि, वहां उन्हें इगा स्वियातेक के खिलाफ सीधे सेटों में हार मिली।
इसके बाद Cincinnati Open के क्वार्टर फाइनल में स्वियातेक के खिलाफ रायबाकिना को चोट के कारण मैच बीच में छोड़ना पड़ा। बाद में उन्होंने बताया कि उनके बाएं टखने की समस्या लंबे समय से उन्हें परेशान कर रही थी। इस चोट के कारण उनकी मूवमेंट प्रभावित हुई और सर्व करते समय पैर से सही तरह पुश करने में भी परेशानी हुई।
फिर भी रायबाकिना ने कहा था कि उन्हें लगता है कि वह इस समस्या को नियंत्रण में रख पा रही हैं।
US ओपन से पहले उन्होंने अपनी तैयारियों को भी बहुत अच्छा नहीं बताया था, क्योंकि टूर्नामेंट से पहले के सप्ताह में वह काफी समय तक ट्रेनिंग नहीं कर सकी थीं। इसके बावजूद उन्होंने न्यूयॉर्क में अपने दो बड़े लक्ष्यों में से पहला हासिल कर लिया है।
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शानदार प्रदर्शन से शीर्ष पर पहुंचीं रायबाकिना
रायबाकिना का नंबर-1 तक पहुंचना उनके करियर के सबसे निरंतर दौर में से एक के साथ आया है। 2025 में 78 मैच खेलने के बाद उन्होंने 2026 में अब तक 60 मुकाबले खेले हैं और इनमें से 47 में जीत हासिल की है।
WTA टूर पर इस साल उनसे अधिक मैच जीतने वाली खिलाड़ियों में अमेरिका की दुनिया की नंबर-3 खिलाड़ी जेसिका पेगुला शामिल हैं, जिन्होंने 50 जीत दर्ज की हैं। हार्ड कोर्ट पर रायबाकिना की 34 जीत भी पेगुला के बराबर हैं।
इसके अलावा रायबाकिना ने शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ भी मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने टॉप-20 खिलाड़ियों के खिलाफ 20 मुकाबलों में से 13 में जीत हासिल की है।
सर्विस बनी रायबाकिना की सबसे बड़ी ताकत
रायबाकिना के खेल की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज और प्रभावी सर्विस मानी जाती है। 2026 में उन्होंने WTA टूर पर सबसे ज्यादा ऐस लगाए हैं। उनका ऐस आंकड़ा 394 तक पहुंच चुका है।
US ओपन के चौथे दौर में Naomi Osaka के खिलाफ भी उनकी सर्विस का प्रभाव देखने को मिला। उस मुकाबले में रायबाकिना ने पहली सर्विस पर 87 प्रतिशत अंक जीते और 29 विनर्स के साथ सात ऐस लगाए। उन्होंने सिर्फ 17 अनफोर्स्ड एरर किए।
ओसाका ने मैच के बाद रायबाकिना की सर्विस की तारीफ करते हुए कहा था कि जब उन्होंने ऐस लगाया तो उनके मन में तुरंत यही विचार आया कि वह उस गेंद पर ज्यादा कुछ नहीं कर सकती थीं। उन्होंने माना कि रायबाकिना की सर्विस इतनी अच्छी है कि दूसरी दिशा में भी गेंद आने पर उसे संभालना मुश्किल होता।
नंबर-1 बनने वाली दूसरी सबसे उम्रदराज महिला
रायबाकिना 27 साल की उम्र में पहली बार दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनी हैं। वह पहली बार नंबर-1 बनने वाली महिलाओं में दूसरी सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं।
उनकी उपलब्धि कजाकिस्तान के टेनिस इतिहास में भी महत्वपूर्ण है। वह देश की पहली पुरुष या महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने सिंगल्स की विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
अब उनकी नजर US ओपन के फाइनल पर होगी। गुरुवार को गॉफ के खिलाफ सेमीफाइनल जीतने पर वह खिताब से सिर्फ एक जीत दूर रह जाएंगी। दूसरी ओर सबालेंका और पेगुला के बीच होने वाला सेमीफाइनल यह तय करेगा कि क्या नंबर-1 रैंकिंग की यह नई कहानी US ओपन फाइनल में रायबाकिना और सबालेंका की एक और भिड़ंत तक पहुंचती है।










