मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लंबित टैक्स असेसमेंट मामलों में पात्र पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों को राहत दी है। आवेदन के बाद 30 दिन में आपत्ति नहीं होने पर असेसमेंट स्वत: पूरा माना जाएगा।
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लंबित टैक्स असेसमेंट मामलों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है। पात्र कारोबारी स्व-घोषणा के आधार पर असेसमेंट पूरा करा सकेंगे। इसके लिए आवेदन करने पर विभाग को 30 दिन में आपत्ति दर्ज करनी होगी, अन्यथा आवेदन स्वत: स्वीकार माना जाएगा।
2024-25 के लंबित मामलों में स्व-घोषणा से असेसमेंट
मध्य प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग ने पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों के लंबित टैक्स असेसमेंट मामलों को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के पात्र मामलों में कारोबारियों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर स्व-घोषणा के जरिए कर निर्धारण पूरा माना जाएगा।
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यह व्यवस्था मध्यप्रदेश वैट अधिनियम 2002, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956, मोटर स्पिरिट उपकर अधिनियम 2018 और हाई स्पीड डीजल उपकर अधिनियम 2018 के तहत लंबित मामलों पर लागू होगी। निर्धारित फॉर्म में आवेदन करने के बाद विभाग उपलब्ध जानकारी के आधार पर असेसमेंट पूरा करेगा।
किन पंप संचालकों को मिलेगा लाभ
इस सुविधा का लाभ उन पंजीकृत पेट्रोल पंप संचालकों को मिलेगा, जिन्होंने मध्य प्रदेश में अधिसूचित तेल कंपनियों या पंजीकृत व्यापारियों से टैक्स और उपकर का भुगतान कर पेट्रोल, डीजल या CNG खरीदा है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनके खिलाफ टैक्स चोरी का मामला नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा अतिरिक्त कर या ऑडिट से जुड़े लंबित नोटिस का अनुपालन बाकी नहीं होना चाहिए। संबंधित वर्ष के लिए रिफंड का दावा करने वाले पंप संचालक भी इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।
आवेदन के साथ देने होंगे जरूरी दस्तावेज
पंप संचालकों को आवेदन के साथ टैक्स और ब्याज जमा करने की चालान कॉपी प्रस्तुत करनी होगी। जिन कारोबारियों का टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से अधिक है, उन्हें CA की ऑडिट रिपोर्ट भी देनी होगी।
CST में छूट या रियायती दर का लाभ लेने वाले कारोबारियों को फॉर्म-C, F, E आदि मूल दस्तावेज भी आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे। विभाग इन दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आवेदन की जांच करेगा।
गलती मिलने पर सुधार और सुनवाई का मौका
आवेदन की जांच के दौरान किसी तरह की कमी या गलती मिलने पर संबंधित अधिकारी लिखित नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद पंप संचालक को अपना पक्ष रखने और जरूरी सुधार करने का अवसर दिया जाएगा।
निर्धारित समय के भीतर कमी दूर करने पर आवेदन स्वीकार किया जा सकता है। वहीं, तय समय में सुधार नहीं करने या सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होने पर आवेदन खारिज किया जा सकता है।
30 दिन में आपत्ति नहीं तो आवेदन स्वत: मान्य
नई व्यवस्था के तहत विभाग के लिए भी एक समयसीमा तय की गई है। आवेदन जमा होने के बाद यदि 30 दिन के भीतर कोई आपत्ति या सूचना नहीं भेजी जाती है, तो आवेदन स्वत: स्वीकार माना जाएगा और संबंधित असेसमेंट पूरा हो जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य 2024-25 से जुड़े पात्र लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना है। हालांकि, टैक्स चोरी, अतिरिक्त कर की मांग या ऑडिट से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन नहीं करने वाले कारोबारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
टैक्स चोरी और रिफंड वाले मामलों को राहत नहीं
वर्ष 2024-25 में टैक्स चोरी पकड़े जाने वाले मामलों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। अतिरिक्त कर की मांग का नोटिस जारी होने के बाद उसका अनुपालन नहीं करने वाले कारोबारी भी इस व्यवस्था का लाभ नहीं ले सकेंगे।
इसी तरह कर ऑडिट के बाद जारी नोटिस का पालन नहीं करने वाले और संबंधित वर्ष में कानून के तहत रिफंड का दावा करने वाले पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालक भी इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।








