Ranchi Kali Puja 2026: 15 लाख प्लास्टिक बोतलों से बनेगा पंडाल, अमेरिका के मंदिर की भी दिखेगी झलक

Ranchi Kali Puja 2026: रांची में 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों से पंडाल सजेगा। लोअर चुटिया में अमेरिकी मंदिर और मकचुंद टोली में झारखंड की संस्कृति दिखेगी।

रांची में काली पूजा को लेकर अलग-अलग इलाकों में पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कुसई कॉलोनी में 15 लाख प्लास्टिक बोतलों और चम्मचों से सजावट होगी। लोअर चुटिया में अमेरिकी मंदिर का प्रारूप और मकचुंद टोली में झारखंड की संस्कृति दिखेगी।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में नवंबर की काली पूजा के लिए पूजा समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार शहर के पंडालों में अलग-अलग तरह की कारीगरी देखने को मिलेगी। कहीं प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों से सजावट की जा रही है तो कहीं विदेशी मंदिर की बनावट तैयार हो रही है। पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भोग वितरण और बच्चों के मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा। समितियों ने अपने-अपने कार्यक्रम और खर्च का अनुमान तय कर लिया है।

कुसई कॉलोनी में 40 लाख रुपये से तैयार हो रहा पंडाल

रांची के कुसई कॉलोनी में इस बार काली पूजा पंडाल की सजावट सबसे अलग रखने की तैयारी है। समिति ने प्लास्टिक की बोतलों और चम्मचों से पंडाल बनाने का फैसला किया है। निर्माण में करीब 15 लाख बोतलों और चम्मचों का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है।

Ranchi Kali Puja 2026: 15 लाख प्लास्टिक बोतलों से बनेगा पंडाल, अमेरिका के मंदिर की भी दिखेगी झलक

पंडाल में 11 तोरण द्वार बनाए जाएंगे। इन पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत के युद्ध तक के प्रसंग दिखाए जाएंगे। मां काली की प्रतिमा 15 फीट ऊंची होगी।

समिति की सचिव मणिभूषण झा के अनुसार, इस बार पूजा का 42वां आयोजन है। पांच दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में मीना बाजार, झूले और भोग वितरण भी होगा। समिति ने पूरे आयोजन पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है।

लोअर चुटिया में दिखेगी अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर की बनावट

लोअर चुटिया के महावीर मंदिर परिसर में नव जागृति संघ काली पूजा समिति इस बार अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर के प्रारूप पर पंडाल तैयार करा रही है।

पंडाल के अंदर कांच और शीशे की नक्काशी की जाएगी। मां काली की 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी। दरबार को सोने के आभूषणों जैसी सजावट देने की योजना है।

समिति के अध्यक्ष अमन साहू के मुताबिक, यहां 1968 से काली पूजा होती आ रही है। इस बार आयोजन का बजट करीब 25 लाख रुपये रखा गया है।

नौ नवंबर से श्रद्धालुओं के बीच खीर, खिचड़ी और हलवा-पूड़ी का भोग बांटा जाएगा। बच्चों के लिए मिक्की माउस और जंपिंग झूलों की व्यवस्था भी रहेगी।

कड़रू में 16 फीट ऊंची होगी मां काली की प्रतिमा

कड़रू के कपिलदेव मैदान में शक्ति क्लब काली पूजा समिति काल्पनिक स्वरूप का पंडाल तैयार करा रही है। यहां 16 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पूजा और दरबार की सजावट में बंगाली परंपरा का ध्यान रखा जाएगा।

समिति वर्ष 1987 से काली पूजा का आयोजन कर रही है। इस बार आठ नवंबर को पंडाल खोलने का कार्यक्रम है। नौ नवंबर को संगीत, 10 नवंबर को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और 11 नवंबर को आर्केस्ट्रा होगा।

पूजा परिसर में मीना बाजार भी लगेगा। बच्चों के लिए झूलों और लोगों के लिए खाने-पीने के स्टॉल की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

मकचुंद टोली में दिखेगी झारखंड की कला और संस्कृति

चुटिया की मकचुंद टोली में नवीन यूथ क्लब ने इस बार स्थानीय संस्कृति को पंडाल की थीम बनाया है। यहां कुटिया की तरह पंडाल तैयार किया जा रहा है। इसकी सजावट में झारखंड की पारंपरिक कला को जगह दी जाएगी।

समिति के पदाधिकारी सिद्धार्थ पांडेय के अनुसार, श्रद्धालुओं के आने और बाहर निकलने के लिए अलग रास्ते होंगे। इससे पूजा के दौरान लोगों की आवाजाही संभालने में मदद मिलेगी।

परिसर में रोशनी का विशेष इंतजाम किया जा रहा है। हर दिन भोग भी बांटा जाएगा। इस आयोजन का खर्च करीब नौ लाख रुपये रखा गया है।

निवारणपुर में चंदन नगर की रोशनी से सजेगा पूजा परिसर

अनंतपुर-निवारणपुर काली पूजा कमेटी इस बार काल्पनिक पंडाल में मां श्यामा काली की 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करेगी। पंडाल को चंदन नगर की विशेष लाइटिंग से सजाया जाएगा।

यहां पूजा के साथ सामाजिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं। 11 नवंबर को रक्तदान शिविर होगा, जिसमें रिम्स के मरीजों के लिए रक्त एकत्र करने की योजना है।

बच्चों के लिए चित्रांकन और शंख बजाने की प्रतियोगिता होगी। महिलाओं के लिए कैंडल लाइट भोग का कार्यक्रम रखा गया है। पूजा के अलग-अलग दिनों में खीर, हलवा और खिचड़ी का प्रसाद बांटा जाएगा।

समिति के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को शाम चार बजे तपोवन मंदिर मैदान से विसर्जन यात्रा निकलेगी, जो बड़ा तालाब की ओर जाएगी। यहां पूरे आयोजन पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

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