त्रिपुरा की पूर्वी अगरतला पुलिस ने वाहन चोरी के अलग-अलग मामलों में चार नाबालिगों को पकड़ा है। पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटर और एक इलेक्ट्रिक रिक्शा बरामद किया। मामले दर्ज कर अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अगरतला: त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में वाहन चोरी की कई घटनाओं की जांच करते हुए पुलिस ने चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है। पूर्वी अगरतला थाने की पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटर और एक इलेक्ट्रिक रिक्शा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत एक महंगी मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत से हुई थी। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर दो किशोरों को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया। इसके बाद अन्य घटनाओं से जुड़े वाहनों का भी पता चला। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन मामलों में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
लेक्चरर्स क्वार्टर के पास से चोरी हुई थी बाइक
पूर्वी अगरतला थाने के प्रभारी कृष्णधन सरकार ने बताया कि पुलिस को लेक्चरर्स क्वार्टर के पास से एक यामाहा आर15 मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने उपनिरीक्षक रंजीत दास को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने अपनी टीम के साथ मोटरसाइकिल का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई।
स्थानीय सूत्रों से पुलिस को खबर मिली कि चोरी की बाइक लेकर दो संदिग्ध एयरपोर्ट की ओर जा रहे हैं। इस सूचना के बाद टीम ने संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई।
नतुन नगर में दो किशोरों को पकड़ा गया
पुलिस ने नतुन नगर इलाके में संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर जांच की। उस पर सवार दोनों किशोरों की उम्र करीब 15 से 16 वर्ष बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, उनके पास वही यामाहा आर15 मोटरसाइकिल मिली, जिसकी चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। बरामद बाइक की अनुमानित कीमत ढाई लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
दोनों किशोरों को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में लेकर मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच के दौरान अन्य वाहन चोरी की घटनाओं से भी संभावित संबंध सामने आए। हालांकि, चोरी में उनकी भूमिका और अन्य आरोपों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
दूसरे थाने की मदद से स्कूटर भी बरामद
मोटरसाइकिल मिलने के बाद पुलिस ने दूसरे वाहन चोरी के मामलों की जांच भी आगे बढ़ाई। इसी दौरान नरसिंहगढ़ पुलिस थाने के सहयोग से एक स्कूटर बरामद किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग घटनाओं की जांच में कुल चार नाबालिगों को पकड़ा गया है। संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि चोरी किए गए वाहनों को कहां ले जाया जा रहा था और क्या इनके पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका है। फिलहाल पुलिस ने किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।
दशमी के आसपास भी चोरी हुए थे वाहन
पुलिस के अनुसार, दशमी के आसपास हुई वाहन चोरी की एक अन्य घटना में इलेक्ट्रिक रिक्शा और स्कूटर का पता लगाया गया था। इन वाहनों की बरामदगी में रात्रि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मदद की। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने संबंधित स्थानों पर पहुंचकर वाहनों को कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में मिले कुछ वाहन उनके मालिकों को सौंप दिए गए हैं।
इसके अलावा दशमी की पूर्व संध्या पर एक केटीएम मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी। अलग-अलग घटनाओं को मिलाकर पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटर और एक इलेक्ट्रिक रिक्शा बरामद होने की जानकारी दी है।
बरामद वाहनों में यामाहा और केटीएम बाइक शामिल
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद वाहनों में एक यामाहा आर15 और एक केटीएम मोटरसाइकिल शामिल हैं। यामाहा बाइक की चोरी से जुड़ी शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद पुलिस अन्य वाहनों का पता लगाने में सफल रही।
वाहनों की पहचान के लिए उनके दस्तावेजों और चोरी की शिकायतों का मिलान किया गया। जहां जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं, वहां वाहन संबंधित मालिकों को वापस सौंपे गए हैं। हालांकि, पुलिस ने सभी बरामद वाहनों की कुल बाजार कीमत के बारे में कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है।
नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा
थाना प्रभारी कृष्णधन सरकार ने बताया कि पकड़े गए चारों नाबालिगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। भारत में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई किशोर न्याय कानून के तहत होती है। ऐसे मामलों में बच्चों को सामान्य आपराधिक अदालत के बजाय किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाता है।
नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करना भी कानून के तहत प्रतिबंधित है। इसलिए पुलिस कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट में उनकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी गई है।
दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच जारी
पूर्वी अगरतला पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग स्थानों से चोरी हुए वाहनों के बीच क्या संबंध है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि वाहनों को बेचने या दूसरी जगह पहुंचाने में किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली गई थी या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी घटनाओं और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
इस कार्रवाई में स्थानीय लोगों से मिली जानकारी महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस ने नागरिकों से वाहन चोरी की घटनाओं या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में देने की अपील की है।









