ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के चुनाव में महेश भूपति और सानिया मिर्जा ने नामांकन दाखिल किया है। दोनों खिलाड़ियों के प्रतिनिधि बनना चाहते हैं। वहीं, लिएंडर पेस ने आवेदन नहीं किया, जिससे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का रास्ता बंद हो गया।
स्पोर्ट्स : भारतीय टेनिस के दो बड़े नाम महेश भूपति और सानिया मिर्जा अब खेल प्रशासन में जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों ने ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) के स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट (SOM) चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। वे एसोसिएशन की जनरल बॉडी और एग्जीक्यूटिव कमेटी में खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।
दूसरी ओर, पूर्व दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने इस चुनाव के लिए आवेदन नहीं किया है। मौजूदा नियमों के अनुसार, अब वह 27 नवंबर को होने वाले एआईटीए अध्यक्ष पद के चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन सकेंगे।
नामांकन नहीं भरने से लिएंडर पेस को लगा झटका
लिएंडर पेस को एआईटीए अध्यक्ष पद के संभावित उम्मीदवारों में गिना जा रहा था। बंगाल टेनिस एसोसिएशन ने भी सितंबर में उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था। इसके बावजूद पेस ने सात नवंबर को होने वाले एसओएम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया।
एआईटीए ने पूर्व खिलाड़ियों की 40 सदस्यीय सूची तैयार की थी। इसमें पेस टियर-1 में जगह बनाने वाले अकेले खिलाड़ी थे। ऐसे में उनके पास खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़ने का अवसर था। अब नामांकन नहीं भरने के कारण वह इस रास्ते से अध्यक्ष पद की पात्रता हासिल नहीं कर पाएंगे। हालांकि, पेस बंगाल के प्रतिनिधि के तौर पर 27 नवंबर के एआईटीए चुनाव में भाग ले सकते हैं।
AITA के नए नियमों में क्या है शर्त?
एआईटीए के संशोधित संविधान के नियम 12(बी) में अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के लिए पात्रता तय की गई है। नियम के मुताबिक, उम्मीदवार को एसओएम जनरल बॉडी का प्रतिनिधि होना चाहिए। इसके अलावा, वह व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है जिसने एआईटीए की एग्जीक्यूटिव कमेटी में कम से कम एक पूरा कार्यकाल पूरा किया हो।
किसी मान्यता प्राप्त राज्य टेनिस संघ में अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष के रूप में काम कर चुके व्यक्ति को भी पात्र माना जा सकता है। पेस फिलहाल राज्य संघ के प्रतिनिधि के रूप में इन शर्तों को पूरा नहीं करते। इसलिए एसओएम चुनाव उनके लिए अध्यक्ष पद तक पहुंचने का जरूरी रास्ता था।
भूपति और सानिया समेत आठ पूर्व खिलाड़ियों ने भरा पर्चा
इस बार एसओएम चुनाव के लिए कुल आठ पूर्व टेनिस खिलाड़ियों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें महेश भूपति और सानिया मिर्जा के अलावा अंकिता भांबरी, आशुतोष सिंह, गौरव नातेकर, जानकी कृष्णमूर्ति, शालिनी ठाकुर चावला और विशाल उप्पल शामिल हैं।
आशुतोष सिंह इस समय भारतीय डेविस कप टीम से कोच के तौर पर जुड़े हैं। वहीं, विशाल उप्पल भारतीय बिली जीन किंग कप टीम के कप्तान हैं। एग्जीक्यूटिव कमेटी की दो सीटों के लिए पांच खिलाड़ियों ने नामांकन दिया है। इनमें भूपति, सानिया, अंकिता भांबरी, जानकी कृष्णमूर्ति और विशाल उप्पल के नाम शामिल हैं।
महेश भूपति ने खिलाड़ियों की भागीदारी को जरूरी बताया
नामांकन भरने के बाद महेश भूपति ने कहा कि खेल महासंघों में ऐसे लोगों की मौजूदगी जरूरी है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव हो।
उन्होंने भारतीय बैडमिंटन में पुलेला गोपीचंद के योगदान का उदाहरण दिया। भूपति का मानना है कि पूर्व खिलाड़ी अपने अनुभव से खेल के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
भूपति डबल्स में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके नाम कई ग्रैंड स्लैम खिताब हैं। सानिया मिर्जा भी डबल्स की पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी हैं और उन्होंने महिला डबल्स तथा मिक्स्ड डबल्स में कुल छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं।
विशाल उप्पल बोले- भारतीय टेनिस में बहुत काम बाकी
विशाल उप्पल ने भी भारतीय टेनिस के विकास के लिए काम करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खेल की स्थिति को समझने के कारण वह प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। उप्पल के मुताबिक, भारतीय टेनिस में अभी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। वह खिलाड़ियों, कोचों और दूसरे संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
जनरल बॉडी और एग्जीक्यूटिव कमेटी में कितनी सीटें?
नए नियमों के तहत एआईटीए की जनरल बॉडी में एसओएम श्रेणी से चार प्रतिनिधि चुने जाएंगे। इनमें दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ी होंगी। वहीं, 15 सदस्यीय एग्जीक्यूटिव कमेटी में खिलाड़ियों के लिए दो सीटें निर्धारित हैं। इनमें एक पुरुष और एक महिला प्रतिनिधि होगा। एसओएम चुनाव सात नवंबर को और एआईटीए के मुख्य चुनाव 27 नवंबर को प्रस्तावित हैं। इन चुनावों से तय होगा कि भारतीय टेनिस के प्रशासन में किन पूर्व खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व मिलेगा।










