असम के उदलगुड़ी जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 344.38 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब ₹1.72 करोड़ बताई गई है। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
उदलगुड़ी: असम के उदलगुड़ी जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। पुलिस अभियान के दौरान 344.38 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.72 करोड़ बताई गई है। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए पुलिस की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ राज्य में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उदलगुड़ी में पुलिस का एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, उदलगुड़ी जिले में पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक बड़ी खेप को पकड़ा, जिसमें 344.38 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया और आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद गांजा तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था और समय रहते इसे जब्त कर लिया गया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई को राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि यह ऐसी डिलीवरी थी जो अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी। मुख्यमंत्री का यह बयान नशा तस्करों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार असम को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और पुलिस विभाग को इस दिशा में सक्रिय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नशे के कारोबार पर असम सरकार की सख्ती
असम में पिछले कुछ समय से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर युवाओं और समाज के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसी कारण सरकार और पुलिस प्रशासन इसे गंभीर चुनौती मानते हुए कार्रवाई कर रहे हैं। उदलगुड़ी की यह कार्रवाई भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गांजा बरामद होने के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जाए कि बरामद खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं ताकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का खुलासा हो सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है और क्या इसके तार दूसरे राज्यों या क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।
युवाओं को नशे से बचाने की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है। खासतौर पर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकारें लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि केवल तस्करी रोकना ही नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों की मांग को कम करना भी जरूरी है।
असम में बढ़ रही ड्रग विरोधी कार्रवाई
असम पुलिस पिछले कुछ वर्षों में ड्रग्स के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। बड़ी मात्रा में गांजा, हेरोइन और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी के मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पुलिस और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए इस अवैध कारोबार को रोकने की कोशिश की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और बरामद गांजे के स्रोत तथा इसके संभावित खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।










