2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम की आवाज भारत समेत दुनियाभर में पसंद की जाती है। बॉलीवुड में कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज देने वाले आतिफ असलम पिछले करीब एक दशक से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में काम नहीं कर पाए हैं। 2016 के बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर लगी रोक का असर उनके करियर पर भी पड़ा। अब आतिफ असलम ने एक यूट्यूब इंटरव्यू में इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है।
आतिफ असलम का कहना है कि भारत में काम करने का मौका नहीं मिलने के बावजूद उन्हें अपने भारतीय प्रशंसकों की कमी जरूर महसूस होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान उन्होंने अपने खुद के संगीत पर ज्यादा ध्यान दिया और एक कलाकार के तौर पर खुद को नए तरीके से तलाशने का अवसर मिला।
भारत में काम पर रोक को लेकर क्या बोले आतिफ?
आतिफ असलम ने भारत में अपने लंबे ब्रेक के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से दूर हुए करीब 10 साल हो चुके हैं। उनके मुताबिक, यह फैसला भारत सरकार की ओर से लिया गया था और बाद में पाकिस्तान में भी भारतीय कलाकारों के काम करने को लेकर प्रतिबंध लगाए गए।सिंगर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उन्होंने भारत में कोई नया गाना रिकॉर्ड नहीं किया है। इसके बावजूद भारतीय श्रोताओं का उनके संगीत से जुड़ाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके कई प्रशंसक अलग-अलग तरीकों से उनका संगीत सुनते रहते हैं।
हालांकि, आतिफ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पाइरेसी का समर्थन नहीं करते। उनका कहना था कि संगीत की अपनी एक यात्रा होती है और वह किसी न किसी तरह अपने श्रोताओं तक पहुंच ही जाता है।
भारतीय फैंस को आतिफ ने दिया खास संदेश

भारतीय फैंस के लिए आतिफ असलम का संदेश भी खास रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत में अपने प्रशंसकों की याद आती है। उनके मुताबिक, उन्हें वहां काम न कर पाने की कमी उतनी महसूस नहीं होती, जितनी अपने फैंस से दूर रहने की होती है। आतिफ ने यह भी माना कि भारत में काम से दूरी ने उनके संगीत करियर को एक अलग दिशा देने में मदद की। उनका मानना है कि अगर यह ब्रेक नहीं आया होता, तो शायद वह अपने खुद के संगीत पर उतना ध्यान नहीं दे पाते।
उन्होंने इस स्थिति को अपने लिए एक तरह का अवसर बताया। आतिफ के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने खुद को एक कलाकार के रूप में और बेहतर तरीके से समझने और अपनी रचनात्मकता को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश की।
‘बैन नहीं होता तो शायद अपना म्यूजिक नहीं बनाता’
आतिफ असलम ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि भारत में काम पर लगी रोक के कारण उन्हें अपनी संगीत यात्रा के एक अलग पहलू को तलाशने का मौका मिला। उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनके मुताबिक यह फैसला लिया। सिंगर का कहना था कि अगर उन्हें बॉलीवुड में लगातार काम मिलता रहता, तो संभव है कि वह अपने व्यक्तिगत संगीत को विकसित करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ते। इस लिहाज से उन्होंने इस मुश्किल दौर को अपने लिए रचनात्मक रूप से फायदेमंद माना।
बॉलीवुड में आतिफ की रही है मजबूत पहचान
आतिफ असलम ने बॉलीवुड में अपने प्लेबैक करियर की शुरुआत 2000 के दशक में की थी और जल्द ही उनकी आवाज युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई। फिल्म ‘कलयुग’ के गाने ‘आदत’ से उन्हें भारत में व्यापक पहचान मिली। इसके बाद ‘जहर’ का ‘वो लम्हे’ भी काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद आतिफ ने कई हिंदी फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी। ‘तेरा होने लगा हूं’, ‘तू जाने ना’, ‘जीना जीना’, ‘तेरे संग यारा’, ‘पहली नजर में’, ‘जीने लगा हूं’ और ‘बे इंतहां’ जैसे गाने आज भी उनके लोकप्रिय ट्रैक्स में शामिल हैं।












