Aye Finance IPO की सपाट एंट्री, बीएसई और एनएसई पर इश्यू प्राइस पर हुई लिस्टिंग

Aye Finance IPO शेयर बाजार में सपाट लिस्ट हुआ। बीएसई और एनएसई पर शेयर इश्यू प्राइस पर खुले, बाद में गिरावट आई। कमजोर सब्सक्रिप्शन का असर लिस्टिंग पर साफ दिखा।

Aye Finance का आईपीओ शेयर बाजार में बिना प्रीमियम के लिस्ट हुआ। बीएसई और एनएसई पर शेयर इश्यू प्राइस पर खुले, जबकि लिस्टिंग के बाद दबाव में आकर कीमत में गिरावट दर्ज की गई।

IPO Update: Aye Finance IPO के शेयर बीएसई पर 129 रुपये पर लिस्ट हुए। यह वही कीमत थी जो आईपीओ का अपर प्राइस बैंड तय किया गया था। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर भी स्थिति अलग नहीं रही और वहां भी शेयर 129 रुपये पर ही खुले। इसका साफ मतलब यह रहा कि जिन निवेशकों ने आईपीओ में पैसा लगाया था, उन्हें लिस्टिंग के समय किसी तरह का प्रीमियम नहीं मिला।

लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयरों पर दबाव दिखने लगा। सुबह करीब 10 बजकर 14 मिनट पर बीएसई पर कंपनी का शेयर 7 रुपये टूटकर 122 रुपये पर आ गया। इस दौरान शेयर में करीब 5.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए निराशाजनक रही, जो लिस्टिंग डे पर तेजी की उम्मीद कर रहे थे।

Grey Market के संकेतों के मुताबिक रही लिस्टिंग

Aye Finance IPO की लिस्टिंग लगभग पूरी तरह Grey Market के संकेतों के अनुरूप रही। लिस्टिंग से पहले कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में करीब 127 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे। इससे पहले ही यह संकेत मिल गया था कि आईपीओ में किसी बड़े लिस्टिंग गेन की उम्मीद नहीं है।

Grey Market के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा था कि शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 1.5 प्रतिशत के डिस्काउंट पर लिस्ट हो सकते हैं। असल लिस्टिंग में भी यही देखने को मिला। बीएसई और एनएसई पर सपाट शुरुआत और उसके बाद आई गिरावट ने यह साफ कर दिया कि बाजार की धारणा पहले से ही कमजोर थी।

Aye Finance IPO का स्ट्रक्चर और इश्यू साइज

Aye Finance IPO में कुल 5.5 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल था। इसके जरिए कंपनी ने करीब 710 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसके अलावा ऑफर फॉर सेल के तहत 2.33 करोड़ शेयर पेश किए गए थे, जिनका आकार लगभग 300 करोड़ रुपये का था।

आईपीओ का प्राइस बैंड 122 रुपये से 129 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। एक लॉट में 116 शेयर रखे गए थे, यानी रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए लगभग 14,964 रुपये का निवेश करना पड़ा।

इस इश्यू के जरिए जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी की पूंजी स्थिति को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाना है, ताकि भविष्य में बिजनेस विस्तार और एसेट ग्रोथ से जुड़ी जरूरतों को पूरा किया जा सके।

निवेशकों से मिला कमजोर रिस्पॉन्स

Aye Finance IPO निवेशकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय साबित नहीं हो पाया। यह आईपीओ 9 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। पूरे इश्यू को मिलाकर यह केवल 97 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हो सका, यानी आईपीओ पूरी तरह भर भी नहीं पाया।

कैटेगरी के हिसाब से देखें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने इसमें सबसे ज्यादा रुचि दिखाई। QIB कैटेगरी में आईपीओ को 1.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। हालांकि, यह आंकड़ा भी बहुत मजबूत नहीं माना जाता।

रिटेल निवेशकों की बात करें तो इस वर्ग में आईपीओ को सिर्फ 77 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला। यानी बड़ी संख्या में रिटेल निवेशकों ने इस इश्यू से दूरी बनाए रखी।

सबसे कमजोर रिस्पॉन्स नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NIIs की तरफ से देखने को मिला। इस कैटेगरी में केवल 0.05 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया, जो यह दिखाता है कि हाई नेटवर्थ निवेशकों को इस आईपीओ में कोई खास आकर्षण नजर नहीं आया।

कमजोर सब्सक्रिप्शन का असर लिस्टिंग पर

किसी भी आईपीओ की लिस्टिंग पर सब्सक्रिप्शन का सीधा असर पड़ता है। जब किसी इश्यू को निवेशकों का मजबूत समर्थन नहीं मिलता, तो लिस्टिंग के समय शेयरों में उत्साह भी कम रहता है। Aye Finance IPO के साथ भी यही देखने को मिला।

97 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन और खासकर रिटेल व NII कैटेगरी में कमजोर भागीदारी ने बाजार को पहले ही संकेत दे दिया था कि लिस्टिंग बहुत दमदार नहीं रहने वाली है। यही वजह रही कि शेयर इश्यू प्राइस पर ही लिस्ट हुए और थोड़ी देर में गिरावट का शिकार हो गए।

कंपनी फंड का इस्तेमाल कहां करेगी

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, Aye Finance आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी के कैपिटल बेस को मजबूत करने में किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य में बिजनेस विस्तार और लोन बुक बढ़ाने से जुड़ी पूंजी जरूरतों को पूरा करना है।

कंपनी का फोकस छोटे और मध्यम कारोबारियों को फाइनेंस मुहैया कराने पर है। ऐसे में पूंजी की मजबूती उसके लिए जरूरी मानी जाती है। हालांकि, बाजार की मौजूदा धारणा और कमजोर लिस्टिंग यह दिखाती है कि निवेशक फिलहाल इस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं।

Leave a comment