अयोध्या में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) की टीम ने करीब 200 बिस्वा जमीन पर हो रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि बिना ले-आउट मंजूरी के जमीन को प्लॉट में बांटकर बेचा जा रहा था। इसकी शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण ने जांच कर कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माण और प्लाटिंग से जुड़े ढांचे हटाए गए।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृत नक्शे और ले-आउट के प्लाटिंग करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी की जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से जमीन की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ रही थी। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से प्लॉट काट रहे थे।
कार्रवाई के दौरान कई लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और पूरे अभियान को शांतिपूर्वक पूरा कराया।
उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। खासकर तेजी से विकसित हो रहे शहरों में जमीन कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।
प्राधिकरण अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले ले-आउट और सरकारी मंजूरी की जांच जरूर करें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
सोशल मीडिया पर भी बुलडोजर कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। कई लोग प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने प्रभावित लोगों की परेशानी पर चिंता जताई।
अयोध्या प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मंजूरी के प्लॉट खरीदना कानूनी विवाद और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन पूरे इलाके की निगरानी कर रहा है और अन्य संदिग्ध प्लाटिंग स्थलों की भी जांच की जा रही है।