समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan और उनके बेटे Abdullah Azam Khan से जुड़े बहुचर्चित दो पैन कार्ड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए Azam Khan की सजा को सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया है।
नई दिल्ली: सपा नेता Azam Khan और उनके बेटे Abdullah Azam Khan से जुड़े दो पैन कार्ड मामलों में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए आजम खां की सजा को 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया है। साथ ही उन पर लगाए गए 50 हजार रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर काफी चर्चा में है।
कोर्ट का बड़ा फैसला
इस मामले में अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की दलीलें सजा बढ़ाने के लिए पर्याप्त हैं। इसके बाद कोर्ट ने Azam Khan पर सख्त रुख अपनाते हुए न सिर्फ उनकी सजा बढ़ाई, बल्कि जुर्माने की राशि भी पांच लाख रुपये कर दी। पहले उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
वहीं, Abdullah Azam Khan को राहत नहीं मिली, लेकिन उनकी सात साल की कैद बरकरार रखते हुए जुर्माना 50 हजार से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है।
मामला क्या था?

यह मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने से जुड़ा हुआ है। नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और जुर्माना सुनाया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी। बचाव पक्ष ने सजा कम करने की मांग की, जबकि सरकार की ओर से सजा बढ़ाने की अपील एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में दाखिल की गई थी।
Azam Khan पहले भी कई मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। हाल ही में एक अन्य मामले में, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित विवादित बयान के लिए उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में उन पर तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने और सार्वजनिक रूप से भड़काऊ बयान देने का आरोप था।
चुनावी बयान से जुड़ा मामला
यह केस 2019 के लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान रामपुर से जुड़ा हुआ है, जब Azam Khan पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विवादित बयान देने का आरोप लगा था। इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था और पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की थी।
दो पैन कार्ड केस में सजा मिलने के बाद Azam Khan और Abdullah Azam Khan नवंबर 2025 से जेल में बंद हैं। हालिया फैसले के बाद दोनों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।












