बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान शानदार अंदाज में आगे बढ़ रहा है। टूर्नामेंट के पहले दिन पीवी सिंधु, आयुष शेट्टी और कई भारतीय डबल्स जोड़ियों ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। अब दूसरे दिन लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा अपने-अपने सिंगल्स मुकाबलों में उतरेंगे। भारत की ओर से कुल छह मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें पुरुष और महिला सिंगल्स के अलावा महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स के मुकाबले शामिल हैं।
लक्ष्य सेन जीत के साथ अभियान शुरू करने उतरेंगे
पुरुष सिंगल्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल लक्ष्य सेन राउंड ऑफ 64 में रोमानिया के कॉलिन्स फिलिमोन के खिलाफ कोर्ट पर उतरेंगे। यह लक्ष्य सेन का इस टूर्नामेंट में पहला मुकाबला होगा। भारतीय खिलाड़ी अपनी आक्रामक शैली और तेज रफ्तार खेल के जरिए शुरुआती दौर में दबदबा बनाने की कोशिश करेंगे।
लक्ष्य सेन का लक्ष्य प्रतियोगिता में लंबा सफर तय करना होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े मुकाबलों का अनुभव रखने वाले लक्ष्य से भारतीय प्रशंसकों को इस बार भी मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। राउंड ऑफ 64 में जीत उन्हें अगले चरण में पहुंचाएगी, जहां चुनौती और कठिन हो सकती है।
उन्नति हुड्डा के सामने म्यांमार की चुनौती
महिला सिंगल्स में युवा भारतीय खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। राउंड ऑफ 64 में उनका सामना म्यांमार की थुजार थेट हार तिन से होगा।
उन्नति के लिए यह मुकाबला महत्वपूर्ण है, क्योंकि विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर शुरुआती जीत आत्मविश्वास बढ़ा सकती है। युवा भारतीय खिलाड़ी अपनी गति, आक्रामक शॉट्स और कोर्ट कवरेज के दम पर अगले दौर में पहुंचने की कोशिश करेंगी।
भारत की सिंगल्स चुनौती में लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा की जीत महत्वपूर्ण होगी। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजर रहेगी।
मिक्स्ड डबल्स में भारत की दो जोड़ियां मैदान में
मिक्स्ड डबल्स के राउंड ऑफ 64 में भारत की दो जोड़ियां अपने मुकाबले खेलेंगी। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे की जोड़ी कनाडा के जोनाथन बिंग त्सान लाई और क्रिस्टल लाई के खिलाफ उतरेगी।
भारतीय जोड़ी को शुरुआत से ही तालमेल और नेट प्ले पर ध्यान देना होगा। मिक्स्ड डबल्स में पुरुष और महिला खिलाड़ी के बीच बेहतर समन्वय मुकाबले का रुख तय कर सकता है।
दूसरे मुकाबले में अशिथ सूर्य और अमृता प्रमुथेश की जोड़ी तुर्किये के एम्रे सोनमेज और यासेमेन बेक्तास की जोड़ी से भिड़ेगी। भारतीय जोड़ी जीत के साथ अगले दौर में पहुंचने की कोशिश करेगी।
महिला डबल्स में दो भारतीय जोड़ियों की परीक्षा
महिला डबल्स में भारत की दो जोड़ियां राउंड ऑफ 32 के मुकाबले खेलेंगी। कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोड़ी बुल्गारिया की गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफानी स्टोएवा की अनुभवी जोड़ी के सामने होगी।
यह मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं माना जा सकता, क्योंकि स्टोएवा बहनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा अनुभव हासिल है। भारतीय जोड़ी को रैलियों में धैर्य बनाए रखने के साथ-साथ आक्रामक खेल का संतुलन भी कायम रखना होगा।
दूसरे मुकाबले में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी अमेरिका की लॉरेन लैम और एलिसन ली से भिड़ेगी। ट्रीसा और गायत्री भारतीय महिला डबल्स की प्रमुख जोड़ियों में शामिल हैं और उनसे अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।
आयुष शेट्टी ने किया बड़ा उलटफेर
टूर्नामेंट के पहले दिन भारत को सबसे बड़ी सफलता आयुष शेट्टी ने दिलाई। युवा भारतीय खिलाड़ी ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन चीन के शी यू ची को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
आयुष ने तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में शी यू ची को 21-14, 13-21, 21-19 से मात दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब 73 मिनट तक चला। इस जीत ने आयुष के लिए विश्व चैंपियनशिप की शुरुआत को यादगार बना दिया।
आयुष के लिए यह पहला विश्व चैंपियनशिप अभियान है। ऐसे में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी और डिफेंडिंग चैंपियन को हराना उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुकाबले में आयुष ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। पहला गेम जीतने के बाद शी यू ची ने दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने दबाव के बावजूद धैर्य बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पीवी सिंधु ने भी दर्ज की आसान जीत
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने भी टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत की। उन्होंने अपने शुरुआती मुकाबले में सोफिया नोबल को सीधे गेमों में 21-7, 21-11 से हराया।
सिंधु और नोबल के बीच मुकाबला केवल 29 मिनट चला। भारतीय स्टार ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए।
सिंधु अब अगले दौर में कनाडा की वेन यू झांग के खिलाफ खेलेंगी। भारतीय खिलाड़ी की नजर टूर्नामेंट में गहराई तक पहुंचने पर होगी। सिंधु पहले ही ओलंपिक में दो पदक जीत चुकी हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनके अनुभव को भारत की बड़ी ताकत माना जाता है।
डबल्स में भी भारत की मजबूत शुरुआत
भारतीय डबल्स खिलाड़ियों ने भी टूर्नामेंट के पहले दिन अच्छा प्रदर्शन किया। हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की पुरुष डबल्स जोड़ी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में प्रवेश किया।
इसके अलावा ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद तथा कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की महिला डबल्स जोड़ियों ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर आगे का टिकट हासिल किया।
इन जीतों से भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ा है। सिंगल्स में सिंधु और आयुष की जीत के साथ डबल्स में मिली सफलता ने भारत को प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में मजबूत स्थिति दी है।
भारतीय अभियान के लिए महत्वपूर्ण दिन
दूसरे दिन भारत के छह मुकाबले होने से देश की नजरें टूर्नामेंट पर बनी रहेंगी। लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा की सिंगल्स चुनौती के अलावा महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी ध्यान रहेगा।
विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर हर दौर के साथ मुकाबलों की कठिनाई बढ़ती जाती है। ऐसे में शुरुआती जीत खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देती है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
भारत की कोशिश इस बार सिंगल्स के साथ-साथ डबल्स वर्ग में भी मजबूत चुनौती पेश करने की होगी। युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम को नई ऊर्जा मिली है।
भारत को युवा खिलाड़ियों से उम्मीद
आयुष शेट्टी की जीत ने भारतीय बैडमिंटन में युवा प्रतिभाओं की क्षमता को एक बार फिर सामने रखा है। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी को हराने के बाद अब उनसे आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
उन्नति हुड्डा भी युवा भारतीय खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को संतुलन देती है।
इस तरह भारत के पास टूर्नामेंट में अनुभव और युवा जोश का अच्छा संयोजन है। अगर खिलाड़ी शुरुआती दौर की लय बरकरार रखते हैं, तो भारतीय दल कई वर्गों में आगे तक पहुंचने की मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है।
आगे की राह
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए शुरुआत सकारात्मक रही है। अब लक्ष्य सेन, उन्नति हुड्डा और डबल्स जोड़ियों के सामने जीत की लय को बनाए रखने की चुनौती होगी।
पहले दिन आयुष शेट्टी द्वारा किए गए बड़े उलटफेर और पीवी सिंधु की आसान जीत ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब सभी की नजरें लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा पर रहेंगी कि वे अपने शुरुआती मुकाबले जीतकर भारतीय अभियान को और मजबूत बनाते हैं या नहीं।












