BAN vs AFG Test: 479 रन का लक्ष्य भी नहीं दिला सका बांग्लादेश को जीत, सिदीकुल्लाह अटल के शतक से अफगानिस्तान ने बचाया मैच

BAN vs AFG Test में 479 रन का लक्ष्य देने के बावजूद बांग्लादेश जीत नहीं सका। सिदीकुल्लाह अटल के शानदार शतक ने अफगानिस्तान को हारा हुआ मैच ड्रॉ कराने में मदद की।

UAE में खेले गए इकलौते टेस्ट मुकाबले में अफगानिस्तान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए बांग्लादेश के खिलाफ ऐतिहासिक ड्रॉ हासिल किया। 479 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने सिदीकुल्लाह अटल की धैर्यपूर्ण शतकीय पारी के दम पर पांचवें और आखिरी दिन तक मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

स्पोर्ट्स न्यूज़: बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेला गया एकमात्र टेस्ट मुकाबला रोमांचक ड्रॉ के साथ समाप्त हुआ। बांग्लादेश ने पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद अफगानिस्तान के सामने जीत के लिए 479 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेशी गेंदबाज पांचवें दिन मुकाबले का नतीजा अपने पक्ष में कर लेंगे, लेकिन अफगानिस्तान के बल्लेबाजों ने शानदार धैर्य दिखाते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सलामी बल्लेबाज सिदीकुल्लाह अटल इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने 332 गेंदों पर 111 रनों की जुझारू पारी खेलकर अपनी टीम को हार से बचाने में अहम भूमिका निभाई।

अफगानिस्तान ने पांचवें दिन 142 ओवर बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट के नुकसान पर 346 रन बनाए। बड़े लक्ष्य के दबाव में टीम ने तेजी से रन बनाने के बजाय विकेट बचाने और मुकाबले को ड्रॉ तक पहुंचाने पर ध्यान दिया। अटल की शतकीय पारी और निचले क्रम के बल्लेबाजों के संघर्ष ने बांग्लादेश की जीत की संभावनाओं को खत्म कर दिया।

पहली पारी में बांग्लादेश ने बनाई थी 106 रनों की बढ़त

मैच में बांग्लादेश ने पहली पारी में 346 रन बनाए थे। इसके जवाब में अफगानिस्तान की टीम 240 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस तरह बांग्लादेश को पहली पारी के आधार पर 106 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली, जिसने उसे मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके बाद बांग्लादेश ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 372 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। 

दोनों पारियों के प्रदर्शन के आधार पर अफगानिस्तान के सामने जीत के लिए 479 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था। टेस्ट क्रिकेट में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब मुकाबले के अंतिम दिन परिणाम निकालने का दबाव हो। अफगानिस्तान के सामने दो विकल्प थे—जीत के लिए तेजी से रन बनाने का प्रयास करना या पूरे दिन टिककर हार से बचना। टीम ने परिस्थितियों को समझते हुए धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी को प्राथमिकता दी। यही रणनीति अंत में उसके काम आई।

सिदीकुल्लाह अटल ने खेली 111 रनों की शानदार पारी

अफगानिस्तान की दूसरी पारी में सिदीकुल्लाह अटल ने असाधारण संयम और तकनीक का प्रदर्शन किया। बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने 332 गेंदों का सामना करते हुए 111 रन बनाए। उनकी पारी में नौ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। अटल ने शुरुआत से ही अपना विकेट बचाने पर ध्यान दिया। उन्होंने खराब गेंदों को ही अपने शॉट्स का निशाना बनाया और बांग्लादेश के गेंदबाजों को लंबे समय तक मेहनत करने पर मजबूर किया। उन्होंने 166 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि 277 गेंदों का सामना करने के बाद शतक तक पहुंचे।

उनकी बल्लेबाजी ने अफगानिस्तान की पारी को स्थिरता दी और टीम को लगातार विकेट गिरने के दबाव से उबरने का मौका दिया। अटल ने इक्राम अलीखिल के साथ चौथे विकेट के लिए 50 रनों की अहम साझेदारी भी की। इस साझेदारी ने टीम को 200 रनों के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अंतिम दिन बांग्लादेशी गेंदबाजों की कोशिश नाकाम

पांचवें दिन मुकाबले में बांग्लादेश ने लगातार विकेट हासिल करने की कोशिश की। लंच तक अफगानिस्तान का स्कोर तीन विकेट पर 202 रन था। इसके बाद चायकाल तक टीम ने छह विकेट के नुकसान पर 265 रन बना लिए थे। इस दौरान अटल क्रीज पर डटे रहे और शतक पूरा करने के बाद भी टीम की उम्मीदों को बनाए रखा।

अंतिम सत्र में बांग्लादेश ने एक बार फिर दबाव बनाने का प्रयास किया। अफगानिस्तान का स्कोर सात विकेट पर 281 रन होने के बाद मुकाबले का रुख कुछ समय के लिए बदलता दिखाई दिया। हालांकि, निचले क्रम के बल्लेबाजों ने हार मानने से इनकार कर दिया। अटल आखिरकार ताइजुल इस्लाम की गेंद पर तंजीद हसन के हाथों कैच आउट हुए। उनकी 111 रनों की पारी समाप्त होने तक अफगानिस्तान मैच बचाने की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। इसके बाद यामीन अहमदजई और कैस अहमद ने भी उपयोगी प्रतिरोध दिखाया और टीम को 300 रनों के पार पहुंचाया।

ड्रॉ के साथ खत्म हुआ मुकाबला

अफगानिस्तान ने दूसरी पारी में आठ विकेट पर 346 रन बनाकर मैच को ड्रॉ पर समाप्त कराया। बांग्लादेश के पास पहली पारी की बढ़त और दूसरी पारी में विशाल लक्ष्य देने का फायदा था, लेकिन वह अंतिम दिन अफगान बल्लेबाजों की दीवार नहीं तोड़ सका। इस मुकाबले में सिदीकुल्लाह अटल की पारी टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, अनुशासन और परिस्थितियों के अनुरूप खेलने का बेहतरीन उदाहरण रही। अफगानिस्तान ने मुश्किल स्थिति में संयम बनाए रखते हुए हार टाली, जबकि बांग्लादेश को मजबूत स्थिति के बावजूद जीत से संतोषजनक परिणाम नहीं मिल सका।

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