BCCI ने पिछले कुछ सालों में खिलाड़ियों की सैलरी में काफी इजाफा किया है। चाहे वे इंटरनेशनल टीम के हों या घरेलू खिलाड़ी, पुरुष हों या महिला क्रिकेटर्स, बीसीसीआई ने उनकी कमाई बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनकी दुनिया भर के खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ तारीफ करते हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड माना जाता है। बीते कुछ वर्षों में बोर्ड ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों की सैलरी, मैच फीस और कॉन्ट्रैक्ट अमाउंट में लगातार बढ़ोतरी की है। पुरुष क्रिकेटर्स हों या महिला खिलाड़ी, सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से लेकर घरेलू टूर्नामेंट तक, खिलाड़ियों की कमाई में बड़ा इजाफा देखने को मिला है। हालांकि, इसी बीच एक अहम वर्ग ऐसा भी है, जिसकी कमाई पिछले 7 साल से जस की तस बनी हुई है और वह हैं बीसीसीआई के अंपायर।
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के अंतर्गत काम करने वाले अंपायरों की सैलरी में साल 2017 के बाद कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब भारतीय घरेलू क्रिकेट सीजन अपने चरम पर है और अंपायरों पर मैच संचालन की बड़ी जिम्मेदारी होती है।
घरेलू क्रिकेट सीजन में अंपायरों की अहम भूमिका
इस समय भारतीय घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी खेली जा रही है। इससे पहले रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का आयोजन हो चुका है, जबकि आने वाले दिनों में रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण भी खेला जाना है। इसके अलावा सीनियर महिला वनडे और टी20 टूर्नामेंट, साथ ही जूनियर स्तर के कई मुकाबले भी होते हैं।
इन सभी प्रतियोगिताओं में अंपायरिंग की जिम्मेदारी बीसीसीआई के तहत आने वाले कुल 186 अंपायर संभालते हैं। मैच की निष्पक्षता, नियमों का पालन और खेल की सुचारू व्यवस्था काफी हद तक अंपायरों पर निर्भर करती है, लेकिन इसके बावजूद उनकी सैलरी में लंबे समय से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
BCCI के अंडर कितने अंपायर और उनकी कैटेगरी

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने अपने अंपायरों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा हुआ है। ये कैटेगरी कुछ हद तक सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट ग्रेड जैसी हैं।
- A+ कैटेगरी: 9 अंपायर
- A कैटेगरी: 20 अंपायर
- B कैटेगरी: 58 अंपायर
- C कैटेगरी: 99 अंपायर
इस तरह कुल 186 अंपायर बीसीसीआई के घरेलू और अन्य टूर्नामेंट्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एक मैच या एक दिन के लिए कितनी मिलती है सैलरी?
अगर अंपायरों की कमाई की बात करें, तो कैटेगरी के आधार पर उन्हें प्रतिदिन भुगतान किया जाता है।
- A+ और A कैटेगरी के अंपायरों को एक दिन के लिए 40,000 रुपये मिलते हैं।
- B और C कैटेगरी के अंपायरों को एक दिन के लिए 30,000 रुपये का भुगतान किया जाता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह दरें पिछले 7 वर्षों से बिल्कुल नहीं बदली हैं, जबकि इसी दौरान खिलाड़ियों की सैलरी और सुविधाओं में कई गुना इजाफा हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीसीसीआई की अंपायर्स कमेटी ने बोर्ड की एपेक्स काउंसिल को कुछ अहम सिफारिशें दी थीं। इनमें कहा गया था कि चार अलग-अलग कैटेगरी की जगह सिर्फ दो कैटेगरी रखी जाएं और सभी अंपायरों को एक समान 40,000 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाए।









