बहरोड़ में पत्नी की हत्या का मामला: चरित्र पर शक में पति गिरफ्तार, आत्महत्या दिखाने की कथित कोशिश का पुलिस ने किया खुलासा

राजस्थान के बहरोड़ में पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने पति को गिरफ्तार किया। शक के चलते हत्या करने और उसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश का आरोप, जांच जारी।

राजस्थान के बहरोड़ में एक महिला की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चरित्र पर शक को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने हत्या कर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।

कोटपूतली-बहरोड़: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बहरोड़ क्षेत्र में एक विवाहित महिला की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर घरेलू झगड़े के दौरान महिला की हत्या कर दी गई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

मामले में पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन निवासी धर्मेंद्र सोनी अपनी पत्नी दीपिका वर्मा के साथ बहरोड़ की शिक्षक कॉलोनी में रह रहा था। धर्मेंद्र स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र की एक ग्लास कंपनी में वरिष्ठ इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे।

घटना से पहले हुई थी कहासुनी

जांच अधिकारियों के मुताबिक, 26 जुलाई की रात दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। आरोप है कि आरोपी ने शराब के नशे में पत्नी के साथ मारपीट की। इसी दौरान महिला ने अपने पिता से फोन पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। परिजनों ने आरोपी से बात कर स्थिति शांत करने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद दोनों का फोन बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, अगले दिन सुबह विवाद फिर बढ़ गया और कथित रूप से हिंसक रूप ले लिया।

पुलिस का दावा- हत्या के बाद आत्महत्या दिखाने की कोशिश

जांच में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी ने पहले महिला के साथ गंभीर मारपीट की। आरोप है कि महिला का सिर दीवार से टकराया, जिससे उसे गंभीर चोट लगी। इसके बाद कथित रूप से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस का यह भी कहना है कि घटना के बाद आरोपी ने मामले को आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया। जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले कि शव को पंखे से लटकाने की कोशिश की गई थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिले महत्वपूर्ण संकेत

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर मारपीट के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गला दबाए जाने के संकेत मिलने के बाद हत्या की आशंका मजबूत हुई। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाएगा। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र कर जांच आगे बढ़ा दी है।

घटनास्थल से ही हिरासत में लिया गया आरोपी

पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची, जहां आरोपी घर पर ही मौजूद मिला। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया गया और बाद में हत्या के आरोप में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियां घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी प्रमाणों का भी विश्लेषण कर रही हैं।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही आरोपी अपनी पत्नी पर संदेह करता था और इसी कारण अक्सर विवाद होता था। परिवार का कहना है कि घटना से पहले भी कई बार तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने बताया कि परिजनों के बयान भी मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें केस डायरी में दर्ज किया गया है।

2019 में हुई थी शादी

पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र और दीपिका का विवाह वर्ष 2019 में हुआ था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। विवाह के बाद वे बहरोड़ में रह रहे थे, जहां आरोपी निजी क्षेत्र की एक कंपनी में कार्यरत था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दंपति के बीच पहले से किसी प्रकार की शिकायत दर्ज कराई गई थी या घरेलू विवाद का कोई अन्य रिकॉर्ड मौजूद है।

पुलिस रिमांड में होगी विस्तृत पूछताछ

अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच अधिकारी रिमांड के दौरान घटना के पूरे घटनाक्रम, कथित हत्या के तरीके, घटना के बाद की गतिविधियों और उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों के संबंध में विस्तृत पूछताछ करेंगे। साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल फोन रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।

घरेलू हिंसा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों में बढ़ते तनाव, संदेह और हिंसक व्यवहार को समय रहते पहचानना और आवश्यक कानूनी व सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अदालत में आरोप सिद्ध होने या न होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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