पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख Mamata Banerjee ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पार्टी से जुड़े एक मामले की जांच तत्काल समाप्त करने की मांग की है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर पार्टी से जुड़े एक मामले की जांच प्रक्रिया को जल्द समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया है कि शिकायतकर्ता ऋतब्रत बनर्जी को जवाब दाखिल करने के लिए और समय न दिया जाए तथा मामले का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र किया जाए।
यह मुद्दा हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। ममता बनर्जी का कहना है कि जांच प्रक्रिया में बार-बार समयसीमा बढ़ाए जाने से न केवल अनावश्यक देरी हो रही है, बल्कि इससे चुनावी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच भ्रम भी पैदा हो सकता है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने जुलाई की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस और उससे संबंधित कुछ दस्तावेजों को लेकर एक जांच प्रक्रिया शुरू की थी। इस संबंध में आयोग की ओर से 2 जुलाई और 13 जुलाई को आधिकारिक पत्र जारी किए गए थे। आयोग ने शिकायतकर्ता ऋतब्रत बनर्जी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर टीएमसी से स्पष्टीकरण मांगा था।
निर्वाचन आयोग ने प्रारंभिक रूप से पार्टी को 6 जुलाई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। टीएमसी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर ही 6 जुलाई को अपना जवाब आयोग को सौंप दिया। पार्टी का दावा है कि उसने अपने जवाब की प्रतिलिपि ई-मेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायतकर्ता ऋतब्रत बनर्जी को भी उपलब्ध करा दी थी, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
समयसीमा बढ़ाने पर टीएमसी की आपत्ति

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता को कई बार अतिरिक्त समय दिया गया, जिससे जांच की प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है। उनके अनुसार, आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी को प्रतिक्रिया दाखिल करने के लिए अतिरिक्त 15 दिनों का समय प्रदान किया था और नई अंतिम तिथि 25 जुलाई निर्धारित की गई थी।
टीएमसी का कहना है कि पार्टी ने समय पर अपना जवाब दे दिया था, जबकि शिकायतकर्ता को बार-बार अवसर दिए जाने से प्रक्रिया असंतुलित दिखाई देती है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि 25 जुलाई की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी पार्टी को इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई कि शिकायतकर्ता ने अपना उत्तर जमा किया है या नहीं।
ममता बनर्जी ने पत्र में क्या कहा?
अपने पत्र में ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि मामले में अनावश्यक देरी से बचा जाए और जांच को जल्द से जल्द अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समयसीमाओं का लगातार विस्तार किया जाता है, तो इससे चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर सवाल उठ सकते हैं।
टीएमसी प्रमुख का मानना है कि सभी पक्षों के लिए समान और स्पष्ट समयसीमा होना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि मामले में आगे कोई अतिरिक्त मोहलत न दी जाए और उपलब्ध दस्तावेजों तथा जवाबों के आधार पर निर्णय लिया जाए।










