भागलपुर: गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज होती धारा ने भागलपुर में माल परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। नदी के रास्ते ट्रकों और दूसरे मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू की गई जलयान सेवा फिलहाल ठप हो गई है। इसके कारण जगह-जगह लोडेड ट्रक खड़े हैं और माल परिवहन प्रभावित हुआ है। गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए नाव और कार्गो संचालन को लेकर भी सावधानी बढ़ा दी गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी की धारा भी काफी तेज हो गई है। ऐसे में मालवाहक जहाजों और अन्य जलयानों का सुरक्षित संचालन चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसी वजह से भागलपुर में जलयान सेवा के प्रभावित होने का सीधा असर उन कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों पर पड़ा है, जो सड़क पुल की समस्या के बीच नदी के रास्ते माल ढुलाई की उम्मीद कर रहे थे।
विक्रमशिला सेतु से जुड़ी परिवहन समस्या के बीच गंगा के रास्ते कार्गो सेवा को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शुरू किया गया था। इससे भारी वाहनों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद थी। कार्गो जहाजों के जरिए ट्रकों, छोटे वाहनों और यात्रियों को नदी पार कराने की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन अब गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने इस वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के सामने भी मुश्किल खड़ी कर दी है।
माल परिवहन प्रभावित होने से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। लोडेड ट्रकों के लंबे समय तक खड़े रहने से माल की डिलीवरी में देरी हो सकती है। जिन वाहनों में खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री या अन्य जरूरी सामान लदा है, उनके समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचने से कारोबारियों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ सकती है।
भागलपुर में सड़क परिवहन पहले से ही विक्रमशिला सेतु से जुड़ी दिक्कतों के कारण दबाव में रहा है। ऐसे में गंगा के रास्ते उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्था के प्रभावित होने से ट्रांसपोर्टरों के सामने विकल्प और सीमित हो गए हैं। नदी का जलस्तर और धारा सामान्य होने तक मालवाहक वाहनों का परिचालन प्रभावित रहने की आशंका है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल परिवहन पर ही नहीं, बल्कि नदी किनारे बसे इलाकों पर भी दिखाई दे रहा है। भागलपुर में तटबंध टूटने की घटना के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। राघोपुर इलाके में तटबंध टूटने के बाद पानी गांव और मंत्री बुलो मंडल के पैतृक घर तक पहुंचने की खबर सामने आई है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
तटबंध टूटने के बाद बाढ़ नियंत्रण विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता पानी के फैलाव को रोकना और कमजोर हिस्सों को मजबूत करना है। गंगा की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे के दूसरे संवेदनशील इलाकों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
गंगा का पानी बढ़ने से बेगूसराय समेत बिहार के कई नदी किनारे वाले जिलों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। बेगूसराय में कई जगह सड़क पर पानी पहुंचने, फसलों के डूबने और गांवों का संपर्क प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। कई इलाकों में लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।
भागलपुर में माल परिवहन ठप होने का असर स्थानीय बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। दूसरे जिलों से आने वाले सामान की सप्लाई प्रभावित होने पर माल की उपलब्धता और कीमतों पर भी दबाव बन सकता है। हालांकि इसका वास्तविक असर परिवहन कितने समय तक बाधित रहता है, इस पर निर्भर करेगा।
ट्रक चालकों के लिए भी स्थिति मुश्किल बनी हुई है। लोडेड वाहन लेकर पहुंचे चालक नदी पार कराने की व्यवस्था बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय तक वाहन खड़े रहने से समय और ईंधन दोनों का नुकसान होता है। इसके अलावा ड्राइवरों के ठहरने और वाहनों की सुरक्षा की भी चुनौती रहती है।
गंगा की धारा तेज होने के कारण जलयान सेवा संचालकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सुरक्षा है। प्रशासन किसी भी जोखिम के बीच वाहनों को नदी में उतारने के बजाय जलस्तर और धारा की स्थिति को देखते हुए संचालन का फैसला कर रहा है। यात्रियों और मालवाहक वाहनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
इससे पहले भागलपुर के बाबूपुर घाट से कार्गो जहाजों के संचालन की व्यवस्था शुरू की गई थी। कार्गो जहाजों में कई ट्रकों और छोटे वाहनों को एक साथ ले जाने की क्षमता बताई गई थी। इस व्यवस्था से विक्रमशिला सेतु के बंद रहने के दौरान परिवहन संकट को कम करने की कोशिश की गई थी।
अब गंगा का बढ़ता जलस्तर उसी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है। कारोबारियों को उम्मीद है कि जैसे ही नदी की स्थिति सुरक्षित होगी, मालवाहक जलयान सेवा दोबारा शुरू की जाएगी और सड़क पर खड़े ट्रकों को आगे भेजने का रास्ता साफ होगा।
फिलहाल भागलपुर और आसपास के नदी किनारे वाले क्षेत्रों में प्रशासन की नजर गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है। तटबंधों की निगरानी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां भी जारी हैं। लोगों से नदी और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
भागलपुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर अब माल परिवहन के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। तेज धारा के कारण जलयान सेवा ठप होने से कई लोडेड ट्रक जगह-जगह खड़े हैं। विक्रमशिला सेतु की समस्या के बीच गंगा के रास्ते शुरू हुई वैकल्पिक कार्गो व्यवस्था के प्रभावित होने से ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों की परेशानी बढ़ी है। वहीं भागलपुर में तटबंध टूटने और बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात के कारण प्रशासन के सामने जनजीवन और परिवहन दोनों को संभालने की चुनौती बनी हुई है।










