नई दिल्ली में भारत का पांच दिवसीय AI इम्पैक्ट समिट शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे ऐतिहासिक 'महाकुंभ' कहा। सम्मेलन में दुनिया भर के नेता, शोधकर्ता और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ शामिल हैं।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत में हो रहे पांच दिवसीय 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का 'महाकुंभ' करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दुनिया भर के नेताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भारत की तकनीकी प्रगति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है। मंत्री ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया, जिसमें न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की नजरें लगी हुई हैं।
एआई इम्पैक्ट समिट में वैश्विक भागीदारी
जितिन प्रसाद ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन में नवोन्मेषी उद्यम, नवप्रवर्तक और शोधकर्ता शामिल हैं। सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों से लेकर तकनीकी जगत के दिग्गज उपस्थित हैं। मंत्री ने कहा कि भारत की यह पहल पूरी दुनिया में एक नया संदेश दे रही है कि देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने इसे भारत की प्रगति यात्रा का गौरवपूर्ण क्षण करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया यहां एकजुट हो रही है और यह वास्तव में ऐतिहासिक है। इसलिए मैं कह सकता हूं कि यह प्रयागराज के कुंभ जैसा है। यह एआई का महाकुंभ है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है।’’
आयोजन की अवधि और स्थल
यह पांच दिवसीय AI इम्पैक्ट समिट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इसमें दुनिया भर के देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य शामिल हैं। सम्मेलन का उद्देश्य देशों के बीच एआई के विकास, सहयोग और वैश्विक अवसरों को साझा करना है।
वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर्स की उपस्थिति

इस सम्मेलन में सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन जैसे वैश्विक टेक्नोलॉजी दिग्गज शामिल हैं। इसके अलावा ब्राजील, फ्रांस, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया सहित लगभग 20 देशों के नेता और लगभग 100 देशों के प्रतिनिधि भी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। इससे यह साबित होता है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
महाकुंभ की तुलना
केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन की भव्यता और महत्व को समझाने के लिए इसे 'महाकुंभ' से तुलना की। उन्होंने कहा कि जैसे प्रयागराज का महाकुंभ हर 12 वर्ष में लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, वैसे ही यह AI इम्पैक्ट समिट तकनीकी नवाचार, वैश्विक नेतृत्व और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए दुनिया भर के प्रतिभागियों को एकत्र कर रहा है। पिछला महाकुंभ 2025 में आयोजित हुआ था और इस तरह इस AI महाकुंभ को भी भारतीय तकनीकी उपलब्धियों का प्रतीक माना जा रहा है।
भारत का वैश्विक नेतृत्व
मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि यह सम्मेलन भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक मंच पर नेतृत्व देने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस समिट के जरिए भारत एआई के क्षेत्र में नई तकनीकों, स्मार्ट समाधान और नवाचार को दुनिया के सामने पेश करेगा। इसके अलावा यह आयोजन वैश्विक टेक्नोलॉजी फोरम में भारत की स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा।
नवोन्मेष और डिजिटल विकास
इस सम्मेलन का मुख्य फोकस एआई के नवोन्मेष, डिजिटल विकास और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। मंत्री ने कहा कि एआई शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में नए अवसर पैदा कर सकता है। इसके माध्यम से नई नौकरियां पैदा होंगी और पब्लिक सर्विसेज में सुधार आएगा।








