भारत में भीषण गर्मी का अलर्ट: 25 मई से 2 जून तक ‘नौतपा’ के दौरान बढ़ेगा हीटवेव का असर

भारत में 25 मई से 2 जून तक नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और हीटवेव का असर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। जानें किन इलाकों

भारत में गर्मी एक बार फिर अपने चरम पर पहुंचने की ओर बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार, 25 मई से 2 जून के बीच ‘नौतपा’ की अवधि में देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। 

नई दिल्ली: देशभर में गर्मी लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को New Delhi का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फिलहाल लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में तापमान और बढ़ सकता है। भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार पहले ही हीटवेव एडवाइजरी जारी कर चुकी है। 

इसी बीच 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, जो 2 जून तक चलेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान कई राज्यों में तेज लू चल सकती है और तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है।

दिल्ली-NCR में बढ़ता तापमान और हीटवेव का खतरा

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में हाल के दिनों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि हो सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। दिल्ली-NCR के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य भारत के कई इलाकों में भी हीटवेव की स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने पहले ही कई राज्यों के लिए हीटवेव एडवाइजरी जारी कर दी है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

‘नौतपा’ क्या है और क्यों बढ़ती है गर्मी?

भारतीय परंपरा में ‘नौतपा’ को वर्ष के सबसे गर्म नौ दिनों के रूप में जाना जाता है। यह अवधि आमतौर पर मई के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर जून की शुरुआत तक चलती है। इस दौरान सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट स्थिति में माना जाता है, जिसके कारण सूर्य की किरणें अधिक तीव्र हो जाती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवधि में वायुमंडलीय दबाव और शुष्क हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ता है। परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में लू चलने और तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की संभावना रहती है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि नौतपा के दौरान कई शहरों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। दोपहर के समय सड़कें और खुले क्षेत्र अत्यधिक गर्म हो सकते हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होगा। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग और पानी की खपत में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

भीषण गर्मी केवल असुविधा ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। अस्पतालों में पहले से ही डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और कमजोरी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में अधिक जोखिम में रहते हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।

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