PM मोदी और UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक में तय हुआ कि 2032 तक दोनों देशों का कारोबार 200 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाएगा।
India-UAE Relation: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। 19 जनवरी 2026 को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान करीब ढाई घंटे के लिए भारत पहुंचे। यह दौरा छोटा जरूर था, लेकिन इसकी अहमियत कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बहुत बड़ी रही। इस दौरान दोनों देशों ने अपने व्यापार, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, स्पेस और डिफेंस सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों देशों के बीच कारोबार को 2032 तक दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाएगा।
भारत-UAE व्यापार संबंध
इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी निवेश और व्यापार को मजबूत करने के कई बड़े कदम उठाए। UAE ने भारत के कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आश्वासन दिया। खासकर गुजरात के धोलेरा स्पेशल इंवेस्टमेंट रीजन के डेवलपमेंट के लिए UAE निवेश करेगा। इसके अलावा, भारत में डेटा सेंटर बनाने के लिए भी UAE भारी मात्रा में निवेश करने की योजना बना रहा है। डेटा एम्बेसी की स्थापना पर भी विचार हुआ।

डिफेंस सहयोग से भारत को मिलेगा फायदा
PM मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। दोनों देशों के बीच नियमित सैन्य अभ्यास, रक्षा संवाद और सैन्य प्रमुखों के दौरों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना, अपराधियों और फाइनेंसरों को न्याय के कटघरे में लाना भी शामिल है।
भारत और UAE ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) फ्रेमवर्क के तहत आतंकवाद के लिए वित्त पोषण और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने पर भी काम करने का समझौता किया। यह कदम पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि इसे आतंकवाद के वित्तपोषण और राज्य-प्रायोजित गतिविधियों के आरोपों का सामना करना पड़ता रहा है।
न्यूक्लियर क्षेत्र में सहयोग
बैठक में ऊर्जा और न्यूक्लियर सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। UAE हर साल भारत को 5 लाख मीट्रिक टन LNG गैस सप्लाई करेगा। इसके अलावा, छोटे और बड़े परमाणु रिएक्टर बनाने की दिशा में भी दोनों देशों ने मिलकर काम करने की सहमति जताई। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा विविधता को मजबूत करने में मदद करेगा।
टेक्नोलॉजी में नए अवसर

भारत और UAE ने स्पेस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके तहत सैटेलाइट बनाने, रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स तैयार करने और टेक्नोलॉजी आधारित प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम करने का प्लान बनाया गया। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए भी दोनों देश आपसी सहयोग करेंगे।
फूड और एग्रो सेक्टर में सहयोग
बैठक में फूड और एग्रो प्रोडक्ट्स के कारोबार को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत व्यापार को सुगम बनाने, आपूर्ति श्रृंखला सुधारने और निवेश बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इससे दोनों देशों के किसानों और उद्योगों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
यह बैठक शेख जायद का तीसरा भारत दौरा था, जबकि पिछले दस सालों में यह उनका पांचवां दौरा है। भारत और UAE के बीच बढ़ते व्यापार और सुरक्षा सहयोग से न केवल दोनों देशों को लाभ मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और ग्लोबल मार्केट में निवेश आकर्षित करने में भी मदद करेगा।











