देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों के परिवारजनों को रोजगार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह पहल Indian Army और Air India के बीच हुए एक समझौते के तहत की गई है।
Indian Army: भारतीय सेना ने शहीद सैनिकों के परिजनों और वीर नारियों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों के परिवारजनों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए भारतीय सेना और एयर इंडिया लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता सैनिक परिवारों को सम्मानजनक रोजगार और दीर्घकालिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।
सात प्रमुख हवाई अड्डों पर मिलेंगे रोजगार के अवसर
इस नई पहल के तहत एयर इंडिया द्वारा वीर नारियों के लिए 20 और उनके बच्चों के लिए 40 रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। ये नियुक्तियां देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही, यह पहल उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
यह समझौता भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। सेना ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की। सेना के अनुसार यह साझेदारी केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य व्यापक सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
25 सैन्य स्कूलों में आधुनिक प्रशिक्षण लैब की स्थापना

इस समझौते के तहत एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की गई है। भारतीय सेना के 25 आशा स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स का उद्देश्य छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर करियर अवसरों का लाभ उठा सकें। यह पहल शिक्षा को रोजगार से जोड़ने और युवा वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस समझौते में केवल रोजगार और शिक्षा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल किया गया है। सेना के अस्पतालों में बैटरी से चलने वाली ई-कार्ट्स (E-Carts) उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनका उपयोग मरीजों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए किया जाएगा। इन ई-कार्ट्स का विशेष रूप से उपयोग बुजुर्गों, घायल सैनिकों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए किया जाएगा। इससे अस्पतालों में सुविधा बढ़ेगी और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सैनिक परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
भारतीय सेना और एयर इंडिया की यह संयुक्त पहल सैनिक परिवारों के कल्याण को एक नई दिशा प्रदान करती है। यह योजना न केवल रोजगार सृजन पर केंद्रित है, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करती है। सेना का कहना है कि यह सहयोग तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—रोजगार, सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को स्थायी सहायता प्रदान करना है जिन्होंने देश की सेवा में अपने परिजनों को खोया है। वीर नारियों और उनके बच्चों को रोजगार देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में सक्रिय रूप से शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।










