केंद्र सरकार ने बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए 2135.85 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इन नए विद्यालयों के खुलने से राज्य के लगभग 30,000 छात्र-छात्राओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही बिहार में केंद्रीय विद्यालयों की कुल संख्या 35 हो जाएगी।
नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की घोषणा की थी। उस घोषणा को रूप देने के लिए केंद्र ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन केंद्रीय विद्यालयों को खोलने के लिए 2,135.85 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। बिहार में खुलने वाले इन केंद्रीय विद्यालयों से राज्य के लगभग 30,000 छात्र-छात्राओं को शिक्षा का लाभ मिलेगा।
खासतौर पर मधुबनी जिले में दो केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। इन विद्यालयों को पहली बार बालवाटिका के साथ तैयार किया जाएगा, जिससे छोटे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी और विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।
19 नए केंद्रीय विद्यालय: वित्तीय स्वीकृति और योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) को नए विद्यालयों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक नए विद्यालय में लगभग 1520 सीटें होंगी। इन सीटों में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और आरक्षित वर्ग के बच्चों के लिए भी प्रावधान रखा गया है।
विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा पर अमल करते हुए, शिक्षा विभाग और राज्य सरकार ने भूमि चयन और आधारभूत संरचना निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है।
जिलों में भूमि चयन का कार्य पूरा

मधुबनी सहित कई जिलों में भूमि चयन का कार्य पूरा हो चुका है। गया, पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अरवल, मधुबनी, कैमूर, मधेपुरा, शेखपुरा, भोजपुर, भागलपुर, नालंदा, मुंगेर और दरभंगा में प्रत्येक नए केंद्रीय विद्यालय के लिए 4-5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। एक नए केंद्रीय विद्यालय के लिए शहरी क्षेत्रों में 2.5-4 एकड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 एकड़ या उससे अधिक भूमि आवश्यक होती है।
यह भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन को मुफ्त में हस्तांतरित की जाती है। भूमि पर भवन, खेल मैदान, कक्षाएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा किए गए वित्तीय प्रावधान से किया जाएगा।
प्रत्येक विद्यालय में सीटों का वितरण
वर्तमान में देश में कुल 1288 केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें 14 लाख से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। बिहार में अब तक 16 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। नए विद्यालयों के खुलने के बाद राज्य में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या 35 हो जाएगी। इन नए विद्यालयों में न केवल केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों को दाखिला मिलेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नामांकन मिलेगा।
प्रत्येक केंद्रीय विद्यालय में प्रथम कक्षा के लिए प्रति सेक्शन 40 छात्र-छात्राएं होंगे, जिनमें 25 प्रतिशत सीटें RTE अधिनियम के तहत आरक्षित हैं। कक्षा 11 के लिए तीनों संकाय (विज्ञान, कला, वाणिज्य) में मिलाकर 120 सीटें निर्धारित की गई हैं। आरक्षण नीति के अनुसार:
- एससी: 15 प्रतिशत
- एसटी: 7.5 प्रतिशत
- ओबीसी (तान-क्रिमी लेयर): 27 प्रतिशत
- दिव्यांग छात्र: 3 प्रतिशत
इस नीति से यह सुनिश्चित होगा कि सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले। नए केंद्रीय विद्यालयों के भवन निर्माण तक सरकारी भवनों में अस्थायी रूप से संचालन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्थायी भवनों में बिजली, पेयजल, पहुंच पथ जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारियों को कहा गया है कि स्थायी भवन और परिसर के लिए भूमि चयन का प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा जाए और इसकी प्रति शिक्षा विभाग को भी उपलब्ध कराई जाए।










