सोनभद्र जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में चल रहे पठन-पाठन का जायजा लिया और छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षणिक स्थिति को समझने का प्रयास किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की संख्या, मिड-डे मील व्यवस्था और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए और बच्चों को पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाया जाए।
कक्षाओं में पहुंचकर जिलाधिकारी ने छात्रों से पाठ्यपुस्तकों से सवाल पूछे और उनकी समझ का स्तर परखा। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि केवल औपचारिक पढ़ाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की बुनियादी समझ और विषयों में पकड़ मजबूत करना जरूरी है।
डीएम ने विद्यालयों में शौचालय, पेयजल और बैठने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। जहां कहीं कमियां मिलीं, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यालय का समग्र वातावरण भी बच्चों के अनुकूल होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है, इसलिए अधिकारियों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ सही तरीके से छात्रों तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।
निरीक्षण के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने और निर्धारित समय सीमा में सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने साफ किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और समय-समय पर ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे।









