बिहार विधानसभा चुनाव 2025: 46 केंद्रों पर कल होगी मतगणना, एक राउंड में 14 EVM की गिनती

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: 46 केंद्रों पर कल होगी मतगणना, एक राउंड में 14 EVM की गिनती

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना 14 नवंबर को 46 केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगी। पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी, फिर EVM की। हर राउंड में 14 मशीनों की गिनती होगी और पूरी प्रक्रिया CCTV निगरानी में होगी।

Patna: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का इंतजार अब बस कुछ ही घंटों का रह गया है। शुक्रवार, 14 नवंबर को राज्यभर में वोटों की गिनती शुरू होगी। इस बार मतगणना की प्रक्रिया बेहद सख्त और पारदर्शी रखी गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे। राज्य के 46 मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती होगी और उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से वोटों की गिनती की जाएगी।

सुबह 8 बजे से शुरू होगी गिनती की प्रक्रिया

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (Chief Electoral Officer) विनोद सिंह गुंजियाल के अनुसार, मतगणना का कार्य सुबह 8 बजे एक साथ सभी केंद्रों पर शुरू होगा। सबसे पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती होगी, जो सुबह 8 से 8:30 बजे तक चलेगी। यह प्रक्रिया स्कैनर के जरिए पूरी की जाएगी ताकि हर वोट को सही तरीके से दर्ज किया जा सके।

अगर किसी कारणवश पोस्टल बैलेट की गिनती 8:30 बजे तक पूरी नहीं होती है, तब भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से वोटों की गिनती समानांतर रूप से शुरू कर दी जाएगी। यानी दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चलेंगी ताकि नतीजे तय समय पर घोषित किए जा सकें।

राज्य के 46 मतगणना केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था

बिहार में कुल 46 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतगणना का काम होगा। प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। मतगणना केंद्रों में केवल अधिकृत कर्मियों और प्रत्याशियों के एजेंट्स को ही प्रवेश की अनुमति होगी। सुरक्षा बलों की तैनाती पूरे परिसर में की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी 38 जिलों के जिला अधिकारियों (DMs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि चुनाव आयोग (Election Commission) के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।

मतगणना से पहले सुबह 6 बजे होगा रैंडमाइजेशन

गिनती शुरू होने से पहले सुबह 6 बजे सभी मतगणना केंद्रों पर "रैंडमाइजेशन" की प्रक्रिया की जाएगी। यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसके तहत यह तय किया जाता है कि किस अधिकारी या कर्मचारी को किस काउंटिंग टेबल पर ड्यूटी दी जाएगी।

यह पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड सिस्टम के माध्यम से होती है ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। रैंडमाइजेशन के बाद किसी भी अधिकारी को यह पहले से नहीं पता होता कि वह किस टेबल पर गिनती करेगा, जिससे पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाती है।

हर राउंड में 14 EVM की गिनती होगी

मतगणना केंद्रों में हर विधानसभा सीट के लिए अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं। एक राउंड में 14 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) की गिनती होगी। इसके लिए हर मतगणना केंद्र पर 14 टेबल लगाए गए हैं, जिन पर प्रशिक्षित कर्मचारी और सुपरवाइजर मौजूद रहेंगे।

गिनती के हर राउंड में परिणाम फॉर्म 17C में दर्ज किया जाएगा, जो चुनाव आयोग के लिए आधिकारिक दस्तावेज होता है। प्रत्येक राउंड का परिणाम सावधानीपूर्वक जांचा जाएगा और किसी भी विसंगति की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

VVPAT पर्चियों की गिनती से बढ़ेगी पारदर्शिता

EVM गिनती के साथ-साथ वीवीपैट (VVPAT) यानी Voter Verifiable Paper Audit Trail की भी व्यवस्था की गई है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या संदेह की स्थिति में VVPAT की पर्चियों की गिनती की जाएगी।

अगर फॉर्म 17C और EVM के डेटा में कोई बेमेल पाया जाता है तो संबंधित बूथ की वीवीपैट पर्चियों को मिलाया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर वोट सही तरीके से दर्ज हुआ है और किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी नहीं हुई।

मोबाइल और जुलूस पर सख्त रोक

मतगणना परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की सख्त मनाही है। अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंट्स को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मतगणना कक्ष में न लाया जाए। इसके अलावा मतगणना स्थल के बाहर किसी भी तरह के विजय जुलूस, नारेबाजी या भीड़ जमा करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

निर्वाचन आयोग ने दिए विशेष दिशा-निर्देश

चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है कि मतगणना निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित हो। प्रत्येक केंद्र पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे पूरी प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।

इसके अलावा, आयोग ने निर्देश दिया है कि हर मतगणना हॉल में उम्मीदवारों और उनके एजेंट्स को रियल-टाइम जानकारी दी जाए। किसी भी चरण की गिनती पूरी होने पर परिणामों की जानकारी तुरंत सार्वजनिक की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

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