Union Budget 2026 से पहले निवेशकों ने LTCG और STT में राहत की मांग की है। उनका कहना है कि टैक्स सुधार से दीर्घकालिक निवेश बढ़ेगा, लेनदेन कर में स्थिरता रहेगी और शेयर बाजार में स्थिरता और तरलता बढ़ेगी।
Union Budget 2026 से पहले मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने सरकार से कैपिटल मार्केट निवेशकों के लिए टैक्स में राहत की मांग की है। उनका कहना है कि LTCG (Long Term Capital Gains) और STT (Securities Transaction Tax) में सुधार से निवेशकों को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा और बाजार में दीर्घकालिक निवेश बढ़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी, और इस समय यह उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार शेयर बाजार के लिए कुछ सकारात्मक कदम उठा सकती है।
मार्केट पार्टिसिपेंट्स का कहना है कि LTCG कर-मुक्त सीमा को बढ़ाना, लेनदेन कर में वृद्धि से बचना और लॉन्ग-टर्म निवेश को प्रोत्साहित करना जरूरी है। इसके अलावा, निवेशकों ने सुझाव दिया है कि पूंजीगत हानियों (Capital Losses) को अन्य आय के साथ एडजस्ट करने की अनुमति दी जाए ताकि टैक्स क्लियरिटी बढ़ सके।
LTCG छूट सीमा बढ़ाने की मांग
वर्तमान में इक्विटी LTCG पर 1.25 लाख रुपये तक की आय टैक्स-मुक्त है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स का कहना है कि यह सीमा बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी जाए। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि इस कदम से छोटे और मध्यम निवेशकों को राहत मिलेगी और दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शेयर, डेट, सोना और रियल एस्टेट जैसे सभी एसेट क्लास में 'लॉन्ग टर्म' की परिभाषा 12 महीने के रूप में स्टैंडर्डाइज की जाए।
कैपिटल लॉस एडजस्टमेंट और टैक्स क्लियरिटी
निवेशकों ने यह भी मांग की है कि यदि किसी निवेश में नुकसान हुआ है तो उसे अन्य आय के खिलाफ समायोजित किया जा सके। इससे टैक्स क्लियरिटी बढ़ेगी और निवेशक बिना डर के शेयर मार्केट में निवेश कर सकेंगे। इससे दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और बाजार में स्थिरता आएगी।
STT में बदलाव की संभावना
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और CEO धीरज रेली ने कहा कि नकद इक्विटी सौदों पर STT को डेरिवेटिव की तुलना में कम रखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि इससे सट्टा कारोबार नहीं बढ़ेगा और निवेशक लॉन्ग-टर्म निवेश की ओर आकर्षित होंगे। इसके अलावा, शेयर बायबैक पर केवल लाभ वाले हिस्से पर टैक्स लगाने और घरेलू निवेशकों के लिए डिविडेंड टैक्स दर को NRI पर लागू दर के अनुसार लाने का सुझाव भी दिया गया है।
लेनदेन कर में कोई वृद्धि न हो
मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने सरकार से स्पष्ट कहा है कि लेनदेन कर में किसी भी तरह की वृद्धि न की जाए। उनका कहना है कि इससे छोटे निवेशकों पर दबाव पड़ेगा और शेयर मार्केट में निवेश की प्रवृत्ति प्रभावित होगी। निवेशकों का मानना है कि बजट में टैक्स राहत और स्थिर नीति से बाजार को मजबूती मिलेगी और विदेशी निवेशक भी भारत के बाजार में निवेश करने के लिए उत्साहित होंगे।
बाजार पर संभावित प्रभाव
यदि सरकार LTCG और STT में राहत देती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव शेयर बाजार पर पड़ेगा। निवेशक दीर्घकालिक निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे और बाजार में स्थिरता बढ़ेगी। इसके अलावा, छोटे और मझोले निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ेगी, जिससे बाजार की गहराई और तरलता में सुधार होगा।











