बल्लारी हिंसा पर कर्नाटक सरकार का सख्त कदम: CM सिद्धारमैया ने जिले के SP को किया निलंबित

बल्लारी हिंसा पर कर्नाटक सरकार का सख्त कदम: CM सिद्धारमैया ने जिले के SP को किया निलंबित

साल 2026 के पहले दिन, गुरुवार को कर्नाटक से एक दुखद खबर सामने आई। बल्लारी में कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच एक पोस्टर लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया।

बेंगलुरु: कर्नाटक के बल्लारी जिले में भड़की हिंसा ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। नए साल 2026 के पहले ही दिन कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। इस गंभीर घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बल्लारी के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) पवन निज्जुर को निलंबित कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिंसा के समय जिले के एसपी मौके पर मौजूद नहीं थे, जो एक गंभीर लापरवाही मानी गई। इसी आधार पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

कैसे शुरू हुआ बल्लारी हिंसा का विवाद?

यह विवाद बल्लारी शहर के वाल्मीकि सर्किल से जुड़ा है, जहां महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित की गई है। शनिवार को इस प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इस अवसर को लेकर कांग्रेस पार्टी ने शहरभर में पोस्टर लगाए थे। बताया गया है कि बल्लारी से कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के समर्थक पोस्टर लगाते हुए गंगावती से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी के आवास के बाहर पहुंच गए। वहीं पोस्टर लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों दलों के समर्थक लाठियों के साथ सड़क पर उतर आए। एक-दूसरे पर पत्थर, ईंटें और बोतलें फेंकी गईं। हालात तब और बिगड़ गए जब कई राउंड फायरिंग की गई। इस दौरान गोली लगने से राजशेखर नाम के कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। राजशेखर उस टीम का हिस्सा था, जो जनार्दन रेड्डी के घर के बाहर पोस्टर लगा रही थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

जनार्दन रेड्डी का आरोप: “मुझे जान से मारने की साजिश”

भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी, उनके करीबी सतीश रेड्डी और नारा सूर्यनारायण रेड्डी ने उन्हें जान से मारने की साजिश रची। जनार्दन रेड्डी के मुताबिक, जब मैं अपनी कार से उतर रहा था, तभी हथियारबंद लोगों ने मुझ पर फायरिंग शुरू कर दी। मैं बड़ी मुश्किल से बच पाया।

इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में चार अलग-अलग केस दर्ज किए हैं और जनार्दन रेड्डी सहित कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि विवाद की शुरुआत किसने की, फायरिंग किसने की और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

SP पवन निज्जुर क्यों हुए निलंबित?

बल्लारी के एसपी पवन निज्जुर ने गुरुवार को ही जिले का कार्यभार संभाला था और उसी शाम यह हिंसक घटना हो गई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि इतने संवेदनशील हालात में एसपी का घटनास्थल पर मौजूद न होना गंभीर प्रशासनिक चूक है। सीएम ने बयान में कहा, मैंने बल्लारी के एसपी को निलंबित कर दिया है क्योंकि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। मैं इस मुद्दे पर भाजपा को जवाब नहीं देना चाहता।

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