बंगाल चुनाव से पहले फॉर्म-6 पर बवाल, कोलकाता में हंगामे का खतरा, बीजेपी और टीएमसी में टकराव तेज

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले फॉर्म-6 को लेकर विवाद बढ़ा, कोलकाता में टकराव की आशंका। बीजेपी और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज।

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले फॉर्म-6 को लेकर विवाद बढ़ गया है। कोलकाता में टकराव की आशंका बनी हुई है। बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण होता जा रहा है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है और फॉर्म-6 को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। कोलकाता में मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर एक बार फिर हंगामे की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि फॉर्म-6 जमा करने की आज आखिरी तारीख है। इससे पहले भी इसी मुद्दे पर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह का टकराव प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है और आम लोगों में भी चिंता बढ़ गई है।

कोलकाता में टकराव की आशंका

राजधानी कोलकाता में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर आज भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है और इसी के चलते टकराव की आशंका जताई जा रही है। पिछले दिन जो घटनाएं हुईं, उन्होंने माहौल को पहले ही तनावपूर्ण बना दिया है। जानकारी के अनुसार कार्यकर्ताओं के बीच बहस इतनी बढ़ गई थी कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आज भी दोनों पक्षों के समर्थकों के जुटने की संभावना है, जिससे हालात बिगड़ सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन राजनीतिक माहौल में बढ़ती गर्मी चिंता का विषय बनी हुई है।

बैग लेकर पहुंचे व्यक्ति से शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब मेदिनीपुर से एक व्यक्ति बैग लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर पहुंचा। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शक हुआ कि उसके बैग में फॉर्म-6 मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मतदाता सूची में बदलाव के लिए किया जा सकता है। इसी शक के आधार पर कार्यकर्ताओं ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उस व्यक्ति के कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और भड़का दिया और दोनों दल आमने-सामने आ गए।

बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने

इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने साफ किया कि बैग लेकर आया व्यक्ति उनका कार्यकर्ता नहीं था, बल्कि एक सामान्य नागरिक था। वहीं तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि फॉर्म-6 के जरिए बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है और मतदाता सूची में हेरफेर की कोशिश हो रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। इस पूरे मामले ने राजनीतिक टकराव को और गहरा कर दिया है।

फॉर्म-6 क्या है, क्यों बना विवाद की जड़

फॉर्म-6 चुनाव प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है, जिसका उपयोग नए मतदाताओं का नाम जोड़ने या स्थान परिवर्तन के लिए किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है या वह किसी दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है, तो वह इस फॉर्म के जरिए अपना नाम जुड़वा सकता है। चुनाव के समय इस फॉर्म का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अपने नाम जुड़वाने या संशोधन कराने के लिए आवेदन करते हैं। यही वजह है कि इस बार इसे लेकर विवाद भी बढ़ गया है।

अभिषेक बनर्जी के आरोपों से बढ़ा विवाद

तृणमूल कांग्रेस के नेता Abhishek Banerjee ने फॉर्म-6 को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस फॉर्म के जरिए बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है और हजारों की संख्या में ऐसे आवेदन जमा किए गए हैं, जो वास्तविक मतदाताओं से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने इस पूरे मामले का वीडियो भी साझा किया और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। उनके इन आरोपों के बाद पार्टी के कार्यकर्ता और ज्यादा आक्रामक हो गए हैं और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

चुनाव आयोग की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके दफ्तर में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जिससे सीधे किसी का नाम जोड़ा या हटाया जा सके। उन्होंने बताया कि फॉर्म-6 केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही इस्तेमाल होता है और इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। चुनाव आयोग की इस सफाई के बावजूद राजनीतिक दलों के बीच अविश्वास बना हुआ है और विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।

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