Budget 2026 में उत्तराखंड की जनता की नजरें महंगाई पर नियंत्रण, मध्यम वर्ग की राहत, महिलाओं के स्वरोजगार और युवाओं के कौशल विकास पर हैं। अल्मोड़ा और बागेश्वर के लोग संतुलित और जनहितकारी बजट की उम्मीद रख रहे हैं।
Budget 2026: केंद्र सरकार 1 फरवरी को संसद में Budget 2026 पेश करने जा रही है। इसके लिए अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले की जनता में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों की उम्मीदें सिर्फ आमदनी और टैक्स से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि आर्थिक राहत, महिलाओं के स्वरोजगार, शिक्षा और कौशल विकास जैसी योजनाओं पर भी हैं।
अल्मोड़ा और बागेश्वर के लोग महंगाई पर लगाम, मध्यम और गरीब वर्ग को राहत, आयकर सीमा में बढ़ोतरी और जीएसटी सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। निवेशक, व्यापारी, नौकरी पेशा लोग और गृहिणियां सभी इस बजट से संतुलित और जनहितकारी कदम उठाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
महंगाई और मध्यम वर्ग के लिए राहत
लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई ने मध्यम और गरीब वर्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बजट में ऐसे उपाय होने चाहिए जिससे आम आदमी को सीधी राहत मिले। अल्मोड़ा के व्यापारी गिरीश धवन ने कहा कि बजट को मध्यम वर्ग के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। आयकर की सीमा बढ़ाने और बुजुर्गों और बच्चों के लिए ठोस नीतियां लागू करने की जरूरत है।
डा. कपिल नयाल, प्रधानाचार्य, राइंका हवालबाग का कहना है कि वेतनभोगी कर्मियों के लिए भी आयकर में छूट का प्रावधान होना चाहिए। इस तरह का बजट हर वर्ग के लिए संतुलित और लाभकारी होगा।
व्यापार और निवेश में सुधार की मांग
बागेश्वर जिले के व्यापारी भुवन तिवारी ने बजट में जीएसटी सुधारों को शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक माहौल में सुधार आएगा और निवेश बढ़ेगा। निवेशक और उद्योग जगत इस बजट को आर्थिक अवसरों और विकास के दृष्टिकोण से देख रहे हैं।

साथ ही बजट में छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन की उम्मीद जताई जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार
बजट में महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं पर जोर देने की मांग भी जोर पकड़ रही है। अल्मोड़ा और बागेश्वर की गृहिणियां चाहती हैं कि बजट महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अवसर दे।
रुचि कक्कड़, गृहिणी, हीरा डुगंरी कहती हैं कि स्वरोजगार योजनाओं से परिवार की आमदनी बढ़ेगी और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। तनुजा हरबोला, गोपाल धारा ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास में अधिक फंड आवंटित किया जाना चाहिए। इससे महिलाओं और युवतियों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे समाज में सशक्त भूमिका निभा सकेंगी।
सरकारी योजनाओं पर भी नजर
बागेश्वर के शिक्षक राजू मेहरा का कहना है कि बजट कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए पेश किया जाना चाहिए। सरकारी योजनाओं में कर्मचारियों की जरूरतों और कामकाजी वर्ग के हितों को प्राथमिकता देने की उम्मीद है।
साथ ही बजट में ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला कल्याण के क्षेत्रों में निवेश की मांग भी देखी जा रही है। इससे हर वर्ग को संतुलित लाभ मिलेगा और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बजट से क्या है उम्मीद
Budget 2026 से आम जनता को टैक्स राहत, मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक सहूलियत, महिलाओं के स्वरोजगार और युवाओं के कौशल विकास के अवसर की उम्मीद है। निवेशकों और उद्योग जगत की नजर निवेश प्रोत्साहन, पूंजीगत निवेश और व्यापारिक माहौल के सुधार पर है।









