कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों के लिए MBA Bridge to Business Scholarship ऑफर कर रही है। इस स्कॉलरशिप के तहत चयनित छात्रों को करीब ₹51 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी।
Education: विदेश में MBA करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए बड़ी खबर है। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित University of Cambridge से जुड़ा Cambridge Judge Business School खास स्कॉलरशिप प्रोग्राम लेकर आया है। ‘Bridge to Business Scholarship’ के जरिए उन प्रोफेशनल्स को मौका दिया जाएगा, जो पारंपरिक बिजनेस बैकग्राउंड से नहीं आते लेकिन मैनेजमेंट सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं।
गैर-पारंपरिक प्रोफेशनल्स के लिए खास मौका
आमतौर पर MBA को फाइनेंस, कंसल्टिंग या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब बिजनेस एजुकेशन की दुनिया तेजी से बदल रही है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए Cambridge Judge Business School ने यह स्कॉलरशिप शुरू की है।

इस प्रोग्राम का उद्देश्य ऐसे प्रोफेशनल्स को बिजनेस और मैनेजमेंट की पढ़ाई में मौका देना है, जो मीडिया, हेल्थकेयर, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र या अन्य गैर-पारंपरिक क्षेत्रों से आते हैं। यूनिवर्सिटी का मानना है कि विविध अनुभव रखने वाले छात्र बिजनेस सेक्टर में नए आइडिया और अलग दृष्टिकोण ला सकते हैं।
कितनी मिलेगी स्कॉलरशिप?
‘Cambridge MBA Bridge to Business Scholarship’ के तहत चयनित छात्रों को 40,000 पाउंड की आर्थिक सहायता दी जाएगी। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 51 लाख रुपये बैठती है।
यह स्कॉलरशिप MBA कोर्स की फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों में मदद के लिए दी जाएगी। यूनिवर्सिटी की ओर से कुल पांच छात्रों को यह स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह स्कॉलरशिप खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है, जो गैर-पारंपरिक सेक्टर्स में काम कर रहे हैं और अब बिजनेस मैनेजमेंट में आगे बढ़ना चाहते हैं। मीडिया, हेल्थकेयर, शिक्षा, सामाजिक विकास, क्रिएटिव इंडस्ट्री और अन्य विशेष क्षेत्रों में काम कर चुके उम्मीदवार आवेदन के लिए पात्र माने जाएंगे।
यूनिवर्सिटी ऐसे छात्रों को प्राथमिकता दे सकती है जिनके पास अपने क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और लीडरशिप क्षमता हो।
ऐसे होगा चयन
इस स्कॉलरशिप के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। उम्मीदवारों को सबसे पहले Cambridge Judge Business School के MBA प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आवेदन करना होगा।
एडमिशन प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए दस्तावेज, स्टेटमेंट ऑफ पर्पज (SOP), प्रोफेशनल अनुभव और उपलब्धियों के आधार पर ही स्कॉलरशिप के लिए चयन किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि SOP में स्पष्ट रूप से बताएं कि उन्होंने अपने क्षेत्र में किस तरह काम किया है और बिजनेस एजुकेशन के जरिए वे क्या बदलाव लाना चाहते हैं।
कई राउंड में मिलेगा आवेदन का मौका
MBA एडमिशन प्रक्रिया को पांच राउंड में पूरा किया जाएगा। पहला राउंड जुलाई 2026 से शुरू होगा। अगर किसी उम्मीदवार का चयन पहले राउंड में नहीं होता है, तो उसे अगले राउंड्स में भी मौका मिल सकता है।
इस वजह से छात्रों के पास आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय रहेगा। हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि शुरुआती राउंड में आवेदन करने से चयन की संभावना बेहतर हो सकती है।
भारतीय छात्रों के लिए क्यों खास है यह स्कॉलरशिप?
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में गिनी जाती है। ऐसे में यहां से MBA करना न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के अवसर बढ़ा सकता है, बल्कि ग्लोबल नेटवर्किंग और लीडरशिप स्किल्स विकसित करने का भी बड़ा मौका देता है।
भारत के उन छात्रों के लिए यह स्कॉलरशिप खास हो सकती है, जो सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद विदेश में पढ़ाई का सपना देखते हैं और बिजनेस सेक्टर में नई पहचान बनाना चाहते हैं।













