CBSE Class 12 Result 2026: OSM प्रणाली पर उठे सवाल, री-इवैल्यूएशन 19 मई से होंगे शुरू

CBSE Class 12 Result 2026 को लेकर OSM (Optical Sheet Marking) प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया 19 मई से शुरू करने की घोषणा की है।

Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 13 मई को कक्षा 12वीं का परिणाम जारी किया था। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच अंकों को लेकर असंतोष की स्थिति देखने को मिल रही है।

एजुकेशन न्यूज़: सीबीएसई कक्षा 12वीं परिणाम 2026 जारी होने के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। खासकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे प्रमुख विषयों में अपेक्षा से कम अंक मिलने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई मेन में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बोर्ड परीक्षा में 75% से कम अंक आने के कारण वे जेईई एडवांस्ड के पात्रता मानदंड को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसी विवाद के बीच अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है।

OSM प्रणाली को लेकर क्या है विवाद?

इस वर्ष सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) और स्टेप-वाइज मार्किंग सिस्टम को लागू किया है। छात्रों और शिक्षकों का आरोप है कि इस नई व्यवस्था में मूल्यांकन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सख्त रही, जिसके कारण कई छात्रों को उम्मीद से कम अंक मिले। कुछ शिक्षकों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में उत्तरों की व्याख्या और स्टेप मार्किंग को लेकर अंतर आने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे कुल अंकों पर असर पड़ सकता है।

CBSE का स्पष्ट जवाब: “OSM पूरी तरह पारदर्शी प्रणाली”

सीबीएसई ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) एक पूरी तरह पारदर्शी और वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रणाली है। बोर्ड के अनुसार, इस प्रक्रिया को लागू करने का मुख्य उद्देश्य मानवीय त्रुटियों को कम करना और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को अधिक सटीक और समान बनाना है।

सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को कम करने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया गया है।

री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया

सीबीएसई ने छात्रों को राहत देते हुए कहा है कि जो उम्मीदवार अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले चरण में छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद छात्र अंक सत्यापन (Verification of Marks) के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।

सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया की तारीखों की घोषणा कर दी है। छात्र 19 मई 2026 से री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका जांच के लिए आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया सीमित समय के लिए ही उपलब्ध होगी, इसलिए छात्रों को समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा।

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