पूर्व गूगल CEO एरिक श्मिट का बड़ा बयान: 6 महीने में बदल गया टेक वर्ल्ड, AI बना नया ‘कोडिंग पार्टनर’

पूर्व Google CEO एरिक श्मिट ने कहा है कि पिछले 6 महीनों में टेक्नोलॉजी दुनिया तेजी से बदल गई है और AI अब डेवलपर्स के लिए एक नया ‘कोडिंग पार्टनर’ बन चुका है।

दुनिया की टेक इंडस्ट्री तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रही है और अब इसके असर पर बड़ी बहस छिड़ गई है। Eric Schmidt, जो गूगल के पूर्व सीईओ रह चुके हैं, ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है। 

Google: Eric Schmidt ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में ही तकनीक की दुनिया में इतना बड़ा बदलाव हुआ है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का पूरा तरीका बदल चुका है। उनके अनुसार, Artificial Intelligence ने कोडिंग और सॉफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। श्मिट का कहना है कि जो इंजीनियर अभी भी पारंपरिक तरीके से लाइन-बाय-लाइन कोड लिख रहे हैं, वे तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी की रेस में पीछे रह सकते हैं।

‘हाथ से कोडिंग का जमाना खत्म हो रहा है’

Eric Schmidt ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि वह खुद भी कभी हाथ से कोड लिखा करते थे और उस समय इसे सबसे बेहतर तरीका मानते थे। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उनके अनुसार, एआई सिस्टम्स ने सॉफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया को इतना तेज और आसान बना दिया है कि पारंपरिक कोडिंग मॉडल धीरे-धीरे अप्रासंगिक होता जा रहा है।

श्मिट का दावा है कि टेक इंडस्ट्री ने केवल पिछले 6 महीनों में ही अभूतपूर्व बदलाव देखा है। उनका कहना है कि यह बदलाव किसी एक कंपनी या एक टूल की वजह से नहीं, बल्कि एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण हुआ है। अब डेवलपर्स के लिए सबसे बड़ी जरूरत यह नहीं है कि वे हर लाइन खुद लिखें, बल्कि यह है कि वे एआई टूल्स का सही उपयोग करना सीखें।

AI बना नया ‘कोडिंग पार्टनर’

पूर्व गूगल सीईओ के अनुसार, अब एआई केवल एक टूल नहीं बल्कि एक सहयोगी (collaborator) की तरह काम कर रहा है। Eric Schmidt ने कहा कि उन्होंने खुद एआई की कोडिंग क्षमता को देखकर हैरानी जताई है। उनका मानना है कि अब कंपनियों को अपनी टीमों से यह सवाल करना चाहिए कि वे अभी भी पुराने तरीकों पर क्यों टिके हुए हैं, जबकि नई तकनीक अधिक तेज और प्रभावी समाधान दे सकती है।

श्मिट ने कहा कि पहले किसी ऐप या सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए बड़ी टीमों और लंबे समय की जरूरत होती थी। लेकिन अब एआई की मदद से एक अकेला डेवलपर भी बेहद जटिल और शक्तिशाली एप्लिकेशन बना सकता है। यह बदलाव न केवल समय बचाता है, बल्कि उत्पादकता (productivity) को भी कई गुना बढ़ा देता है।

काम की क्षमता में कई गुना वृद्धि की उम्मीद

Eric Schmidt का मानना है कि आने वाले समय में एआई के उपयोग से काम करने की क्षमता (efficiency) में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। उनके अनुसार, पहले जिन कामों में दिनों या हफ्तों का समय लगता था, वे अब कुछ घंटों या मिनटों में पूरे हो सकते हैं। श्मिट ने यह भी कहा कि टेक कंपनियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे अपनी टीमों को नए बदलावों के लिए तैयार करें।

अगर संगठन पुराने कोडिंग मॉडल पर ही टिके रहेंगे, तो वे प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकते हैं। उनका सुझाव है कि कंपनियों को एआई-ड्रिवन डेवलपमेंट मॉडल को तेजी से अपनाना चाहिए।

Leave a comment