Success Story: किसान के बेटे श्याम सुंदर बिश्नोई ने ठुकराईं 11 सरकारी नौकरियां, 12वीं कोशिश में बने SDM

किसान परिवार के श्याम सुंदर बिश्नोई ने 11 सरकारी नौकरियां ठुकराईं। बिना कोचिंग 11 असफल प्रयासों के बाद 12वीं कोशिश में RAS पास कर SDM बने।

किसान परिवार से आने वाले श्याम सुंदर बिश्नोई ने अफसर बनने के लक्ष्य के लिए 11 सरकारी नौकरियां छोड़ दीं। बिना कोचिंग तैयारी करते हुए उन्होंने 11 असफल प्रयासों के बाद 12वीं कोशिश में RAS परीक्षा पास की और SDM बने।

Shyam Sundar Bishnoi RAS Success Story: सीमित संसाधनों वाले किसान परिवार से निकलकर श्याम सुंदर बिश्नोई ने सरकारी अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने पुलिस कांस्टेबल, IB और शिक्षक समेत 11 सरकारी नौकरियों को अपने बड़े लक्ष्य के लिए ठुकराया। बिना कोचिंग के तैयारी करते हुए कई असफलताओं का सामना किया और आखिरकार 12वीं कोशिश में RAS परीक्षा पास कर SDM का पद हासिल किया।

किसान परिवार में बीता बचपन, पढ़ाई को बनाया ताकत

श्याम सुंदर बिश्नोई का बचपन एक साधारण किसान परिवार में बीता। उनके पिता खेती और पशुपालन के जरिए परिवार की जरूरतें पूरी करते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद श्याम सुंदर ने पढ़ाई को अपनी आगे बढ़ने की सबसे बड़ी ताकत बनाया।

उन्होंने गांव के छोटे से स्कूल से शिक्षा हासिल की और अपने परिवार में ग्रेजुएशन पूरा करने वाले पहले सदस्य बने। विपरीत परिस्थितियों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए उनके मन में कुछ बड़ा हासिल करने की इच्छा बनी रही।

मां के सपने को बनाया जीवन का लक्ष्य

श्याम सुंदर के अधिकारी बनने के सपने के पीछे उनके माता-पिता का भी विश्वास था। उनकी मां चाहती थीं कि बेटा पढ़-लिखकर किसी बड़े पद पर पहुंचे। श्याम सुंदर ने मां के इस सपने को अपना लक्ष्य बना लिया और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए।

उनके सामने सरकारी नौकरी के कई मौके आए, लेकिन उन्होंने हर बार अपने बड़े लक्ष्य को प्राथमिकता दी। यही जिद आगे चलकर उनकी सफलता की वजह बनी।

11 सरकारी नौकरियां मिलीं, लेकिन लक्ष्य नहीं बदला

श्याम सुंदर ने अलग-अलग 11 सरकारी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इन नौकरियों में पुलिस कांस्टेबल, IB और शिक्षक जैसे पद शामिल थे। इसके बावजूद उन्होंने इन नौकरियों को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि उनका लक्ष्य RAS परीक्षा पास करके अधिकारी बनना था।

हर बार नौकरी का अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। इस दौरान उन्हें कई असफलताओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं बदला।

बिना कोचिंग के की तैयारी, मैथ्स में हासिल की पकड़

श्याम सुंदर ने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ-स्टडी के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। आर्ट्स विषय से पढ़ाई करने के बावजूद उन्होंने मैथ्स जैसे विषय पर भी मजबूत पकड़ बनाई।

पटवारी परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने महज 8 दिनों में गणित के कठिन सवालों को हल करने की तकनीक सीखी और परीक्षा में 50 में से 49 अंक हासिल किए। वह अपनी तैयारी के लिए तय टाइम टेबल का पालन करते थे और मुश्किल टॉपिक्स को बार-बार दोहराते थे।

11 असफल प्रयासों के बाद 12वीं कोशिश में मिली सफलता

RAS परीक्षा में श्याम सुंदर को कई बार असफलता मिली। उन्होंने 11 प्रयासों में सफलता हासिल नहीं की, लेकिन हर असफलता के बाद अपनी तैयारी जारी रखी। आखिरकार 12वीं कोशिश में उन्होंने RAS परीक्षा पास कर ली।

कड़ी मेहनत के बाद श्याम सुंदर बिश्नोई ने SDM का पद हासिल किया। किसान परिवार से निकलकर यहां तक पहुंचने और कई सरकारी नौकरियों को अपने बड़े लक्ष्य के लिए छोड़ने की उनकी कहानी युवाओं को लगातार प्रयास और लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की सीख देती है।

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