मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बीच 11 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में शुरुआत से ही व्यापक बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 708 अंक गिरकर 74,194.36 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 260 अंक टूटकर 23,218.10 पर आ गया।
बाजार में शुरुआती गिरावट का असर बड़ी संख्या में शेयरों पर दिखाई दिया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 1,824 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि लगभग 692 शेयर ही बढ़त बनाए रखने में सफल रहे। इससे स्पष्ट है कि शुक्रवार के शुरुआती सत्र में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा और इसका असर केवल कुछ चुनिंदा सेक्टरों तक सीमित नहीं रहा।
Crude Oil Price में उछाल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
भारतीय शेयर बाजार में इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Brent crude oil price का 108 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना शामिल रहा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने तेल आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंताओं को बढ़ाया है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है।
इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है और कंपनियों की लागत के साथ-साथ महंगाई पर भी दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी का असर भारतीय इक्विटी बाजार की धारणा पर भी पड़ा।
ONGC Share Price में तेजी, तेल कंपनियों को मिला फायदा
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जहां अधिकांश शेयरों में गिरावट रही, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का फायदा घरेलू तेल एवं गैस कंपनियों के कुछ शेयरों को मिला। ONGC का शेयर करीब 1.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹241.67 के आसपास कारोबार करता नजर आया। महंगे कच्चे तेल के माहौल में उत्पादन करने वाली तेल कंपनियों को बाजार अक्सर सकारात्मक नजरिए से देखता है। इसी वजह से ONGC ने व्यापक बाजार की कमजोरी के बीच निवेशकों को राहत दी और प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा।
ONGC के अलावा कुछ IT शेयरों ने भी बाजार को सहारा देने की कोशिश की। टेक महिंद्रा करीब 1.26 प्रतिशत, इंफोसिस 0.84 प्रतिशत और TCS 0.83 प्रतिशत की बढ़त में रहे। विप्रो, पावर ग्रिड, ITC और HCL Technologies के शेयरों में भी मामूली तेजी देखी गई।
Metal Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में मेटल शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। Hindalco करीब 3.90 प्रतिशत टूटकर प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहा, जबकि Tata Steel में करीब 2.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Bajaj Finance, JSW Steel, Bajaj Finserv, Shriram Finance, Eicher Motors और Adani Enterprises के शेयर भी दबाव में रहे। इन कंपनियों में करीब 1.7 से 2.2 प्रतिशत तक की शुरुआती गिरावट देखने को मिली।
IT Sector ने दी बाजार को थोड़ी राहत
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो IT सेक्टर ने बाकी बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। जहां मेटल, ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े इंडेक्स में 1 से 3 प्रतिशत तक गिरावट रही, वहीं IT शेयरों में खरीदारी बनी रही। टेक्नोलॉजी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर डॉलर आय और विदेशी बाजारों से मिलने वाले कारोबार का फायदा मिल सकता है। इसी कारण बाजार में व्यापक कमजोरी के बावजूद प्रमुख IT stocks हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।








