India-EU FTA: दिसंबर में मोदी के ब्रुसेल्स दौरे पर हो सकते हैं हस्ताक्षर, अमेरिका से भी बातचीत तेज

India-EU FTA: दिसंबर में पीएम मोदी के संभावित ब्रुसेल्स दौरे पर भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। अमेरिका से भी ट्रेड डील पर बातचीत तेज।

भारत और यूरोपीय संघ दिसंबर में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित ब्रुसेल्स यात्रा के दौरान डील पूरी हो सकती है। यूरोपीय आयोग ने मंजूरी की प्रक्रिया तेज करने का प्रस्ताव दिया है।

बिजनेस न्यूज़: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। दोनों पक्ष दिसंबर 2026 में मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए 17 या 18 दिसंबर की तारीख पर विचार किया जा रहा है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रुसेल्स जाने की संभावना है। 

हालांकि, यात्रा और समझौते पर हस्ताक्षर की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इस बीच अमेरिका के साथ भी भारत की व्यापार वार्ता आगे बढ़ रही है।

दिसंबर में ट्रेड डील पूरी करने की तैयारी

भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए यूरोपीय आयोग ने नई पहल की है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने यूरोपीय संघ की परिषद के सामने फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया अपनाने का प्रस्ताव रखा है। यूरोपीय व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच की ओर से तैयार इस प्रस्ताव का मकसद समझौते से जुड़ी कानूनी औपचारिकताओं को कम समय में पूरा करना है।

योजना के अनुसार, FTA के मूल अंग्रेजी दस्तावेज के आधार पर मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। अभी यूरोपीय संघ में 24 आधिकारिक भाषाएं हैं। सभी भाषाओं में दस्तावेज का अनुवाद पूरा होने का इंतजार किया गया तो प्रक्रिया में एक साल से अधिक की देरी होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होना बाकी है। यूरोपीय संघ की परिषद से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ही समझौते पर हस्ताक्षर का रास्ता खुलेगा।

पीएम मोदी की ब्रुसेल्स यात्रा से जुड़ी उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर में अमेरिका जाने की संभावना है। मियामी में 14 और 15 दिसंबर को G20 शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वापसी के दौरान प्रधानमंत्री ब्रुसेल्स जा सकते हैं। भारत और EU की कोशिश है कि इसी यात्रा में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएं। इसके लिए 17 या 18 दिसंबर की तारीख पर चर्चा चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों तरफ तैयारियां तेजी से हो रही हैं, लेकिन जरूरी मंजूरियां मिलने और यात्रा कार्यक्रम तय होने के बाद ही तारीख स्पष्ट होगी।

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पीयूष गोयल के यूरोप दौरे से बढ़ी बातचीत

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 22 से 27 अक्टूबर तक जर्मनी और नीदरलैंड के दौरे पर हैं। उन्होंने जर्मनी की आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा की। गोयल ने कहा कि भारत-EU समझौते से दोनों बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है। इससे सप्लाई चेन मजबूत करने और निवेश के नए अवसर बनाने में भी मदद मिलेगी।

वहीं, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के इस सप्ताह ब्रुसेल्स जाने की संभावना है। उनका दौरा समझौते की बची हुई प्रक्रियागत अड़चनों को दूर करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बीच यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति का प्रतिनिधिमंडल 26 से 28 अक्टूबर तक नई दिल्ली का दौरा करेगा। इसकी अगुवाई समिति के अध्यक्ष डेविड मैकएलिस्टर करेंगे।

19 साल पहले शुरू हुई थी समझौते की बातचीत

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत साल 2007 में शुरू हुई थी। कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनने के कारण 2013 में वार्ता रोक दी गई। इसके बाद 2022 में बातचीत दोबारा शुरू हुई। लंबी चर्चा के बाद 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में दोनों पक्षों ने FTA वार्ता पूरी होने की घोषणा की।

इस समझौते को इसके बड़े आर्थिक दायरे के कारण 'मदर ऑफ ऑल डील्स' भी कहा गया है। दोनों अर्थव्यवस्थाएं मिलकर वैश्विक GDP के लगभग एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं।

भारत और यूरोप के कारोबार पर क्या असर पड़ेगा?

भारत और यूरोप के देशों के बीच हर साल अरबों रुपये का कारोबार होता है। यूरोपीय आयोग के मुताबिक, 2025 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच 118 अरब यूरो का सामान खरीदा और बेचा गया। यूरोपीय संघ भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत से यूरोप में कपड़े, मशीनें, केमिकल, धातु और पेट्रोलियम से बने सामान भेजे जाते हैं। वहीं, भारत भी यूरोपीय देशों से फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, गाड़ियों से जुड़े उपकरण और दूसरे जरूरी सामान खरीदता है।

दोनों के बीच सामान के अलावा सेवाओं का भी बड़ा कारोबार होता है। साल 2024 में यह कारोबार 67 अरब यूरो का रहा। इसी साल यूरोपीय संघ की कंपनियों का भारत में कुल निवेश 132.8 अरब यूरो दर्ज किया गया था। अब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से व्यापार करने वाली कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके लागू होने पर कई सामानों पर लगने वाला टैक्स कम हो सकता है।

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